परमेश्वर हमारे प्राणों को बचाता है, इस बात से मग्न रहें और उसकी चर्चा करें।

भजन संहिता 35:1-28
अन्शुमन पाल
अन्शुमन पाल
परमेश्वर के वचन का अध्ययन करते हैं और प्रभु की सेवा में सम्मिलित हैं।