कि तुम विश्वास करो

कि तुम विश्वास करो

ख्रीष्ट आगमन | बाईसवाँ दिन
यीशु ने बहुत-से अन्य चिह्न भी चेलों के सामने दिखाए जो इस पुस्तक में नहीं लिखे गए हैं, परन्तु ये जो लिखे गए हैं इसलिए लिखे गए कि तुम विश्वास करो कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र ख्रीष्ट है, और विश्वास करके उसके नाम से जीवन पाओ।
(यूहन्ना 20:30–31)

मुझे बहुत दृढ़ता से लगता है कि हम में से जो कलीसिया में पले-बढ़े हैं और जो अपनी नीदं में भी हमारे विश्वास के महान सिद्धान्तों को दोहरा सकते हैं, और फिर भी जो प्रेरितों के विश्वास वचन के पढ़े जाते समय उबासी ले सकते हैं— हमारे मध्य में परमेश्वर के पुत्र, अनन्तकाल से पिता के एकलौते, परमेश्वर की महिमा के प्रकाश, उसके तत्त्व के प्रतिरूप, जिसके द्वारा सम्पूर्ण सृष्टि की रचना हुई, जो अपने सामर्थ्य के वचन के द्वारा सब वस्तुओं को सम्भालता है उसके आदर, भय, विस्मय, और आश्चर्य का एक बार पुनः आभास कराने के लिए हमारी सहायता की जानी चाहिए।

आप हर उस परीकथा को पढ़ सकते हैं जो आजतक लिखी गई है, प्रत्येक रहस्यमय रोमांचक पुस्तक, प्रत्येक भूत-प्रेत की कहानी, और फिर भी आपको कभी इतना चौंकाने वाला, इतना विचित्र, इतना अद्भुत और मंत्रमुग्ध करने वाला कुछ नहीं मिलेगा जितना कि परमेश्वर के पुत्र के देहधारण की कथा।

हम कितने मृतक हैं! हे परमेश्वर! तुम्हारी महिमा और तुम्हारी कथा के प्रति कितने संवेदनहीन और उदासीन हैं, मुझे कितनी ही बार पश्चाताप करना पड़ा और कहना पड़ा, “परमेश्वर, मुझे क्षमा करें क्योंकि आप के स्वयं की कथा से अधिक पुरुषों द्वारा रची गयी कहानियां मेरी भावनाओं को उत्तेजित, विस्मित, आश्चर्य से पूर्ण, प्रशंसा के लिए प्रेरित और आनन्द से पूर्ण करती हैं।”

सम्भवतः हमारे समय के रोमांचक चलचित्र हमारे लिए कम से कम यह कार्य अच्छा कर सकते हैं: वे हमें विनम्र कर सकते हैं और हमें पश्चाताप करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं, हमें यह दिखाने के द्वारा कि वास्तव में हम सक्षम हैं, कुछ आश्चर्य और श्रद्धायुक्त भय और विस्मय का अनुभव करने के लिए, जिसका कि हम आभास बहुत कम करते हैं जब हम अनन्त परमेश्वर और ख्रीष्ट की सम्पूर्ण संसार में व्याप्त महिमा, और उसके तथा हमारे मध्य एक वास्तविक जीवित सम्पर्क के विषय में विचार करते हैं, जो नासरत के यीशु के द्वारा है।

जब यीशु ने कहा, “और मैं इसलिए इस संसार में आया हूँ” (यूहन्ना 18:37), तो उसके शब्दों में वही उन्माद , विचित्रता, आश्चर्य और भयानकता थी जैसा कि आप के द्वारा पढ़ी गयी किसी भी रोमांचक कथा में होती है।

ओह, मैं किस प्रकार प्रार्थना करता हूँ कि मुझ पर और आप पर परमेश्वर के आत्मा का कार्य हो; ताकि पवित्र आत्मा मेरे जीवन में भयावह रीति से कार्य करे, तथा मुझे परमेश्वर की अकल्पनीय वास्तविकता के प्रति जागृत करे।

आने वाले दिनों में से एक में सूर्य के उगने से लेकर उसके अस्त होने तक एक ज्योति भूमंडल में कड़केगी, और बादलों में आग की लपटों के मध्य अपने पराक्रमी स्वर्गदूतों के साथ परमेश्वर का पुत्र प्रकट होगा। और हम उसे स्पष्ट रूप से देखेंगे। और चाहे भय के कारण या अत्यन्त उत्तेजना के कारण, हम काँपेंगे और आश्चर्य चकित होंगे कि हम इतने समय तक कैसे जीवित बचे रहे इस विनम्र और हानि रहित माने जाने वाले ख्रीष्ट से।

ये बातें लिखी हैं—सम्पूर्ण बाइबल लिखी हुई है—कि हम विश्वास कर सकते हैं—कि हम चौंक जाएँ और जागृत हो जाएँ उस आश्चर्य के प्रति—कि यीशु ख्रीष्ट परमेश्वर का पुत्र है जो संसार में आया।

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