क्रिसमस का ईश्वरीय बालक यीशु कौन है?

क्रिसमस की एक अद्भुत बात यह है कि हम मनुष्यों के उद्धार लिए एक बालक दिया गया है। क्रिसमस में हमें जो प्राप्त होता है वह स्वयं परमेश्वर है जो कि बालक के रूप में इस संसार में आ गया। सृष्टिकर्ता परमेश्वर देहधारण करके आ गया। तो आइए हम चार बातों के द्वारा जानें कि क्रिसमस का ईश्वरीय बालक आख़िर है कौन?

क्रिसमस में हमें जो प्राप्त होता है वह स्वयं परमेश्वर है जो कि बालक के रूप में इस संसार में आ गया।

1. क्रिसमस का ईश्वरीय बालक स्त्री का वंश है : “परन्तु जब समय पूरा हुआ तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा जो स्त्री से उत्पन्न हुआ…” (गलातियों 4:4)।

क्रिसमस परमेश्वर के द्वारा दिए गए एक ऐसे ईश्वरीय बालक के बारे में है, जो कुंवारी मरियम के द्वारा जन्मा। आदि में परमेश्वर ने सब कुछ को अच्छा बनाया, परन्तु पाप के कारण मनुष्य का पतन हुआ और पाप ने इस संसार में प्रवेश किया। तब परमेश्वर ने मानव जाति को दण्ड दिया और साथ ही साथ उसने प्रतिज्ञा भी किया कि स्त्री का वंश पाप, शाप, और मृत्यु को हर लेगा (उत्पत्ति 3:15)। वह स्त्री का वंश क्रिसमस का ईश्वरीय बालक यीशु मसीह है। जिसे परमेश्वर ने सम्पूर्ण मानव जाति के पापों के दण्ड व शाप से छुटकारे हेतु दे दिया।

2. क्रिसमस का ईश्वरीय बालक सर्वदा के लिए राजा है: “क्योंकि हमारे लिए एक बालक उत्पन्न होगा, हमें एक पुत्र दिया जाएगा; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी,और उसका नाम अद्भुत युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा ”(यशायाह 9:6)।

परमेश्वर के द्वारा दिया गया बालक यीशु मसीह केवल एक सामान्य बालक नही है, परन्तु वह दाऊद की सन्तान है (मत्ती 1:1) अर्थात् वह प्रतिज्ञात राजा है, जिसके बारे में परमेश्वर यहोवा ने दाऊद से प्रतिज्ञा की थी कि “मैं तेरी सन्तान को खड़ा करूँगा, और उसके राज्य को स्थिर करूँगा…मैं उसके राज्य के सिंहासन को सदा-सर्वदा के लिये स्थिर करूँगा”(2 शमूएल 7:12-14)। परमेश्वर की वह प्रतिज्ञा अभी तक बनी हुई थी, क्योंकि परमेश्वर अपनी प्रतिज्ञा के प्रति विश्वासयोग्य था, उस प्रतिज्ञा को परमेश्वर अपनी योजना के अनुसार यीशु मसीह में पूर्ण करता है। यीशु मसीह इस संसार में एक बालक के रूप में जन्म लेने और हमारे पापों की क्षमा हेतु बलिदान होने और पुनः जी उठने के पश्चात् वह सदा-सर्वदा के लिए सिंहासन पर विराजमान है। वह सब कुछ पर प्रभुता करता है (इब्रानियों 8:1)।

यीशु मसीह इस संसार में एक बालक के रूप में जन्म लेने और हमारे पापों की क्षमा हेतु बलिदान होने और पुनः जी उठने के पश्चात् वह सदा-सर्वदा के लिए सिंहासन पर विराजमान है।

3. क्रिसमस का ईश्वरीय बालक हमारे पापों का प्रायश्चित है: वह स्वयं हमारे पापों का प्रायश्चित है, और हमारा ही नहीं वरन् समस्त संसार के पापों का भी ”(1 यूहन्ना 2:2)। 

हम सब अपने पापों और अपराधों में मरे हुए थे, शरीर, शैतान और संसार के चलाए चलते थे और क्रोध की सन्तान थे।(इफिसियों 2:1-3) हम सब परमेश्वर के अनन्त दण्ड व अनन्त प्रकोप के योग्य थे। हम अपने आप पापों व उसके दण्ड से नहीं बच सकते थे। परमेश्वर का वचन हमें बताता है कि “बिना लहू बहाए पापों की क्षमा है ही नहीं ”(इब्रानियों 9:22) इसलिए हमारे पापों के प्रायश्चित के लिए एक बालक का जन्म हुआ। 

क्योंकि हमारे पापों की क्षमा हेतु और पाप के प्रति परमेश्वर के प्रचण्ड प्रकोप से बचाए जाने के लिए लहू बहाए जाने की आवश्यकता थी। एक कीमत का चुकाया जाना आवश्यक था। लेकिन अन्य बलिदानों के लहू से पापों का प्रायश्चित व परमेश्वर की कोप शान्ति असम्भव थी, ऐसी स्थिति में क्रिसमस का ईश्वरीय बालक (यीशु मसीह) इस संसार में आ गया। न केवल इतना परन्तु उसने हमारे पापों के बदले कलवरी क्रूस पर अपने लहू को बहा दिया। उसने हमारे स्थान पर पापों के दण्ड की कीमत को चुका दिया। मसीह के लहू के द्वारा, हम भी परमेश्वर की उपस्थिति में लाए गए हैं (इफिसियों 2:13)। सच में वह बालक हमारे पापों का प्रायश्चित है।

परन्तु क्रिसमस का ईश्वरीय बालक अनन्त जीवन की आशा को लेकर आया है।

4. क्रिसमस का ईश्वरीय बालक जीवनदाता है: “चोर केवल चोरी करने, मार डालने, और नाश करने को आता है। मैं इसलिए आया हूँ कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं”(यूहन्ना 10:10)। 

सम्पूर्ण मानव जाति पाप और मृत्यु के प्रभाव में है, ऐसे निराशापूर्ण संसार में समान्य रूप से लोग यहां की आशा और जीवन के बारे में सोचते हैं और उसी की खोज करते हैं, परन्तु क्रिसमस का ईश्वरीय बालक अनन्त जीवन की आशा को लेकर आया है। क्योंकि परमेश्वर का वचन हमें बताता है कि “पाप की मज़दूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्त जीवन है” (रोमियों 6:23)। परमेश्वर ने अपने पुत्र यीशु मसीह को इसलिए इस संसार में भेजा ताकि वह हम पापी मनुष्यों को मृत्यु के मुंह से निकालकर हमें अनन्त जीवन प्रदान करे। अब जो कोई उस क्रिसमस के ईश्वरीय बालक पर विश्वास करेगा, वह नाश नहीं होगा परन्तु अनन्त जीवन पाएगा (यूहन्ना 3:16)। वह जीवन क्षण मात्र का नहीं परन्तु सर्वदा का जीवन होगा। यह जीवन केवल क्रिसमस का ईश्वरीय बालक यीशु ही प्रदान कर सकता है, क्योंकि यीशु मसीह स्वयं कहते हैं कि “मैं इसलिए आया हूँ कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं”।

उसने हम मनुष्यों के उद्धार की योजना को यीशु मसीह के जीवन, मृत्यु और पुनरुत्थान में पूर्ण किया।

अत: हमारे पाप और अविश्वासयोग्यता के बाद भी, परमेश्वर ने अपनी विश्वासयोग्यता को अपने एकलौते पुत्र यीशु मसीह में होकर दिखाया है। उसने हम मनुष्यों के उद्धार की योजना को यीशु मसीह के जीवन, मृत्यु और पुनरुत्थान में पूर्ण किया। इसलिए क्यों न हम अपने विश्वासयोग्य परमेश्वर के प्रति समर्पित और कृतज्ञ होकर उसकी आराधना करें।