आप में परमेश्वर का आनन्द

लेखक: टोनी रेंकी

क्या परमेश्वर आप में आनन्द  पाता है?  

जब वह आपको देखता है, तो क्या वह मुस्कराता है?

संक्षिप्त रूप से कहें तो यदि आप ख्रीष्ट में हैं, तो इसका उत्तर हाँ  है। परन्तु यह कैसे  और क्यों  और किस आधार पर  सम्भव है इसका उत्तर देने लिए कुछ बातों को समझाने की आवश्यकता है।  

हम छुटकारा पाए हुओं के प्रति परमेश्वर के आनन्द को तीन श्रेणियों में विभाजित कर सकते हैं: (1) चुनाव में आनन्द , (2) छुटकारे में आनन्द , और (3) पवित्रता में आनन्द।

1.   चुनाव में आनन्द

सबसे पहले, परमेश्वर ने अपनी सन्तानों में अपने आनन्द को चुनाव के कार्य में प्रकट किया है। परमेश्वर, अप्रतिबन्धित और स्वतन्त्र रूप से, अन्याय या असमानता के संकेत के बिना,  कुछ मनुष्यों पर अपना आनन्द प्रकट करने का चुनाव करता है, और यह आनन्द त्रिएक परमेश्वर के आनन्द की अभिव्यक्ति है (लूका 10:21)। 

परमेश्वर स्वतन्त्र रूप से छुटकारे के लिए सन्तानों का चुनाव करने और अपने परिवार में उन्हें लेपालक पुत्र बनाने में आनन्दित होता है (रोमियों 9:10-18, इफिसियों 1:3-6)। 

चुनाव में हम पर इस प्रकार का पूर्वनिर्धारित आनन्द हमारी किसी भी बात पर निर्भर नहीं है।

2.  छुटकारे में आनन्द

दूसरा यह कि, परमेश्वर ख्रीष्ट में अपने चुने हुओं के छुटकारे में आनन्दित होता है (लूका 15:7)।

यह आनन्द ख्रीष्ट के सिद्ध कार्य और उसके कार्य को चुने हुए लोगों पर, विश्वास के द्वारा, स्थान और समय में लागू किए जाने पर निर्भर है। यहाँ तक कि वह हमारे उद्धार के विश्वास का प्रकटीकरण भी परमेश्वर को आनन्दित करता है (इब्रानियों 11:6)। और एक बार जब उसके बच्चे वैधानिक नियमों की माँग से स्वतंत्र किए जाते हैं, और ख्रीष्ट के साथ उनके मिलन के द्वारा सदा के लिए धर्मी ठहराए जाते हैं, तो परमेश्वर उनके लिए आनन्द का गीत गाता है ( सपन्याह 3:14-17)।

एक पापी के छुटकारे के लिए स्वर्ग में स्वर्गदूत के आनन्द के विषय में सोचिए। और पिता के अति आनन्दपूर्वक पक्ष के बारे में सोचिए जो उसके प्रिय पुत्र पर पड़ा। और पिता के आनन्द से उमड़ते हुए उत्सव के विषय में सोचिए जो उसने अपने उड़ाऊ पुत्र पर व्यय किया। इसी प्रकार, जब चुने हुए छुड़ाए जाते हैं, तो परमेश्वर का हृदय आपके प्रति एवं आपके लिए  सर्वदा आनन्दित होता है (लूका 15:11-24)।

3.   पवित्र आज्ञाकारिता में आनन्द

तीसरा, परमेश्वर सच्ची आज्ञाकारिता से प्रसन्न होता है।

संसार में सबसे रहस्यमय और गहन वास्तविकताओं में से एक यह है कि, देहधारण के बाद, जैसे-जैसे यीशु परिपक्व होता गया, यीशु में पिता का आनन्द बढ़ता गया (लूका 2:52)। इसके विषय में सोचिए। पिता की इच्छा के प्रति अपनी आज्ञाकारिता के द्वारा, पुत्र अपने पिता के आनन्द में बना रहता है (यूहन्ना 10:18, 12:49, 14:31, 15:10)। यह एक ऐसा बाइबलीय सत्य है जो मुझे स्तब्ध कर देता है।

परन्तु, आज्ञाकारिता में यीशु के उदाहरण में कोई रहस्य नहीं है, जिसका अनुसरण हम करते हैं। और अपनी आज्ञाकारिता के द्वारा हम परमेश्वर के प्रेम में बने रहते हैं, और परमेश्वर हमारी पवित्रता में आनन्दित होता है (यूहन्ना 14:21-24)।

सच्ची आज्ञाकारिता में हम ख्रीष्ट के स्थायी प्रेम और परमेश्वर के बढ़ते आनन्द का अनुभव करते हैं (यूहन्ना 15:9-11)।

उदाहरण के लिए, विनम्रता परमेश्वर के लिए सुन्दर रीति से मनमोहक है। नम्रता उसके ध्यान को खींचती है। टूटा हुआ, नम्र हृदय परमेश्वर को हमारे निकट लाता है और उसके आनन्द  को प्रेरित करता है (याकूब 4:8-10, यशायाह 57:15, 66:2, भजन 34:18)।

पाप विपरीत दिशा में कार्य करता है, आनन्द  का विपरीत दुख  है, और किसी भी प्रेमी पिता के समान, परमेश्वर हमारे पाप से वास्तव में दुखी होता है (इफिसियों 4:30, इब्रानियों 12:3-11)। हमारे भीतर की आनाज्ञाकारिता हम पर उसके अनन्तकाल के छुटकारे के उद्देश्य का विरोध करती है। एक बहुत की वास्तविक रीति से, अपनी अनाज्ञाकारिता के द्वारा हम पाप को परमेश्वर से अधिक आनन्ददायक घोषित करते हैं। इस प्रकार का निर्णय से उसे कैसे दुखी नहीं कर सकता? 

पिता, जिसने अपने बच्चों को चुना और छुड़ाया है, वह वास्तव में हमारे पापों से दुखी  होता है और वास्तव में हमारी पवित्रता से आनन्दित  होता है।  

एक स्वरूप

अतः ये तीनों आनन्द कैसे एक दूसरे से जुड़े रहते हैं?

हम पर परमेश्वर के आनन्द को समझने की कुंजी है, इसे तीन अलग-अलग आनन्द के रूप में नहीं वरन एक ही आनन्द के तीन स्तर के रूप में समझना। दूसरे शब्दों में, तीनों एक ही योजना में एक दूसरे से जुड़े रहते हैं। चुनाव में परमेश्वर का आनन्द, छुटकारे में उसके आनन्द की ओर ले जाता है, जिससे आज्ञाकारिता में आनन्द उत्पन्न होता है। 

प्रत्येक चरण में, हम में परमेश्वर का आनन्द उस आग के समान है जो समय के साथ बढ़ती और सबल तथा गर्म होती जाती है, एक ऐसे दिन का निर्माण करते हुए जब हम नैतिक तेज और सिद्ध ख्रीष्ट के समान सिद्धता में खड़े होंगे (1 यूहन्ना 3:2)। 

दूसरे शब्दों में, “पवित्रीकरण,  जिसे हमारे महिमान्वीकरण के शीर्ष तक पहुँचने के रूप में देखा जाता है, वह लक्ष्य जो हमारे पूर्व निर्धारण (पहले से ठहराये जाने) में निर्धारित किया गया” (रिचर्ड गैफिन)। हम ऐसे प्रकाशमान प्राणी बनने के लिए चुने और छुड़ाए गए हैं जो अपने अस्तित्व की परिपूर्णता में परमेश्वर की महिमा को ठीक से प्रतिबिम्बित करते हैं।  परमेश्वर के चुनाव और छुटकारे की महिमा में यह पराकाष्ठा इफिसियों 1:3-10 और रोमियों 8:29-30 जैसी भव्य कथासूत्रों में पाई जाती है।

परमेश्वर का आनन्द अपने बच्चों पर चुनाव के आधार पर दृढ़ और स्थिर है, छुटकारे के आवेदन में अडिग रूप से सुरक्षित, हमारी वास्तविक पवित्रता के सम्बन्ध में और उसकी इच्छा के अनुरूप बढ़ता है—किसी दिन उसके और भी महान आनन्द के लिए सिद्ध किया जाएगा!

आश्चर्यचकित हों!

जो कोई ख्रीष्ट में है, वह परमेश्वर की इस योजना को देख सकता है और आश्चर्यचकित हो सकता है । 

आदि में, परमेश्वर ने मनुष्यों को अपनी महिमा प्रकट करने के लिए बनाया। उसने मुझे बनाया। मैंने उसे अस्वीकार किया और मैंने उसके स्थान पर पाप को चुना, जिसका परिणाम मेरा विनाश और दुख था। परन्तु बिना मेरी जानकारी के, अनन्तकाल पूर्व ही में, उसने मुझ पर अपना विशेष प्रेम स्थापित किया। अपनी सुन्दर आज्ञाकारिता के द्वारा, ख्रीष्ट इस संसार में आया मेरे लिए जीने और मरने के लिए, मुझे धर्मी ठहराने के लिए, मुझे पवित्र आत्मा देने के लिए, और मेरे टूटेपन में से पुनः कुछ सुन्दर बनाने के लिए। मेरे सारे पाप और आनाज्ञाकारिता उसे अभी दुखी करते हैं। फिर भी वह पाप के विरुद्ध मेरे सारे संघर्षों में, और  आज्ञापालन के मेरे संघर्षों में आनन्दित होता है, और वह मुझे उस दिन के लिए तैयार करते हुए प्रेम से अनुशासित करता है, जब मैं अपने उद्धारकर्ता की महिमा को उसके महान आनन्द के लिए, अपने उद्देश्यों, अपने विचारों, अपने सभी शब्दों और कार्यों के मूल में प्रतिबिम्बित करूँगा। परमेश्वर ने मेरी सृष्टि इसी कार्य के लिए की है!

आज हमें इसकी आवश्यकता है। जैसा कि केविन डीयांग कहते हैं, “हमारी आज्ञाकारिता के लिए मुख्य प्रेरणाओं में से एक, परमेश्वर का आनन्द है।”

या जैसा कि जॉन पाइपर कहते हैं, “परमेश्वर हमारी आज्ञाकारिता से आनन्दित तब होता है जब यह आज्ञाकारिता उसमें हमारे आनन्द का फल है। हमारी आज्ञाकारिता परमेश्वर का आनन्द है, जब यह प्रमाणित करता है कि परमेश्वर हमारा धन है।”        

टोनी रेंकी desiringgod.org के वरिष्ठ लेखक हैं, वह Ask Pastor John पॉडकास्ट के मेजबानी करता हैं और अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ फीनिक्स क्षेत्र में रहते हैं।
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