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Created by potrace 1.16, written by Peter Selinger 2001-2019 डिज़ाइरिंग गॉड लेख

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हम में से अधिकांश लोग प्रार्थना करना चाहते हैं, परन्तु हमारी प्रार्थनाओं में प्रायः दिशा व क्रमबद्धता की कमी पाई जाती है, क्योंकि हम भूल जाते हैं कि हम कैसे प्रार्थना करें। इसलिए, इस लेख में पाए जाने वाले चार भाग क्रमबद्ध रीति से प्रार्थना करने में हमारी सहायता
मैं ऊरिय्याह (हत्या) और बतशेबा (व्यभिचार) के विरुद्ध दाऊद के पाप की कहानी और 2 शमूएल 11-12 में परमेश्वर के प्रतिउत्तर से पुनः भावविभोर हो गया था। दाऊद स्वीकार करता है कि जिसने ऐसा कार्य किया है वह मरने के योग्य है (2 शमूएल 12:5), परन्तु अंत में नातान
“प्रार्थना, श्वास के समान है। यदि हम जीवित हैं, तो श्वास लेंगे ही लेंगे !” – एंडी हैमिल्टन प्रार्थना, मसीह जीवन का अभिन्न भाग है। प्रायः विश्वासी लोग तभी प्रार्थना करते हैं जब वे किसी आवश्यकता या समस्या में होते हैं। इस बात में कोई बुराई नहीं है कि
यह बात तो स्वतः स्पष्ट है कि संसार में अधिकतर लोग किसी न किसी ईश्वर पर विश्वास करते हैं। ईश्वर में विश्वास रखने वाले ऐसे लोग प्रार्थना द्वारा अपनी बात उस तक पहुँचाना चाहते हैं। क्योंकि उनका विश्वास है कि प्रार्थना एक प्रकार से ईश्वर तक अपनी बात को
उसके कोड़े खाने से हम चंगे हुए  (यशायाह 53:5); उसके घावों से तुम स्वस्थ हुए हो  (1 पतरस 2:24)। कई बार हम बाइबल के बहुत से पदों व खण्डों को संदर्भ से बाहर निकाल कर उपयोग करते और समझते हैं। इसके परिणास्वरूप हम अपने जीवनों में असस्पष्ट, अनुचित लागूकरणों
संसार में लोग उद्धार पाने के लिए विभिन्न प्रकार से लगे हुए हैं। सामान्यतः लोग कहते हैं कि रास्ते अनेक हैं परन्तु मंज़िल एक है। फिर भी लोगों में अलग-अलग समूहों की मान्यताएं एक-दूसरे से भिन्न हैं।  इस उद्धार और उसके परिणाम के विषय में लोगों में विभिन्न विचारधाराएं

आज का सन्देश

एक सच्चा शिष्य परमेश्वर को पिता जानकर प्रार्थना करता है।

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