कैसे कोविड-19 भजन 91:7 के विषय में त्रुटिपूर्ण समझ को उजागर करता है?

 (इस पद को विपदा के समय में कैसे समझ सकते हैं)

 तेरे निकट हजार और तेरे दाहिने हाथ दस हजार गिरेंगे, पर वह तुझ तक नहीं पहुँचेगा। (भजन 91:7)

आज संसार भर में अनेक ख्रीष्टीय (मसीही) लोग भजन 91:7 की प्रतिज्ञा के आधार पर यह आशा कर रहे हैं कि वे निश्चय ही कोरोना महामारी से बचे रहेंगे। अनेक लोग भजन 91:7 की प्रतिज्ञा को कोविड के विरुद्ध अपनी ढाल के रूप में उपयोग कर रहे हैं। यद्यपि परमेश्वर हमारी सुरक्षा करता है और हमें बचाने में सक्षम है, फिर भी क्या यह पद हमें सुरक्षा की निश्चयता देता है? क्योंकि आज कोरोना महामारी से केवल गैर-ख्रीस्टीय लोग ही नहीं, परन्तु कलीसिया के अगुवे तथा अनेक ईश्वरभक्त विश्वासियों की भी मृत्यु हो रही है। जिससे इस पद की प्रतिज्ञा पर प्रश्न उठता है कि क्या परमेश्वर अपने वचन के अनुसार कार्य नहीं कर रहा है? अथवा यह प्रतिज्ञा हमारे लिए नहीं परन्तु उस समय के लोगों के लिए थी? यह लेख कोविड-19 के सन्दर्भ में इस पद की प्रतिज्ञा पर बात करेगा। 

पुराने नियम में महामारी प्रायः लोगों के पाप के कारण परमेश्वर की ओर से दण्डस्वरूप भेजी जाती थी (गिनती 16:41-50, व्यवस्था 32:24)। विशेष रीति से जो लोग परमेश्वर से विद्रोह करते थे उन्हें परमेश्वर महामारियों के द्वारा दण्ड देता था। इस भजन का लेखक (सेप्टुआजिन्ट बाइबल के आधार पर दाऊद) कहता है कि जो परमेश्वर की शरण में आते हैं वे महामारी से सुरक्षित रहेंगे और दुष्टों का अन्त देखेंगे। उनके आस-पास हजारों लोग मरेंगे परन्तु परमेश्वर अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार उन्हें बचाए रखेगा (व्यवस्थाविवरण 7:15)। यह प्रतिज्ञा इस्राएली लोगों से की गई थी।

जो परमेश्वर की शरण में आते हैं वे महामारी से सुरक्षित रहेंगे और दुष्टों का अन्त देखेंगे।

आज लोग कोविड के समय भजन 91:7 की प्रतिज्ञा को सीधे अपने ऊपर लागू करते हुए सोचते हैं कि वे भी इस महामारी से सुरक्षित रहेंगे। किन्तु यह प्रतिज्ञा दो कारणों से आज हमारे ऊपर सीधे लागू नहीं होती है। पहला, यह प्रतिज्ञा इस्राएलियों से की गई थी जिनके हम भागीदार नहीं थे (इफिसियों 2:12)। और ख्रीष्ट में होने के कारण हम अनन्तकाल के लिए सुरक्षित हैं। दूसरा, यदि यह प्रतिज्ञा सभी ख्रीष्टीयों पर लागू होती है तो फिर आज अनेक सच्चे ख्रीष्टीय लोगों को कोविड महामारी से नहीं मरना चाहिए। यह दिखाता है कि हमें वचन को ठीक रीति से समझने की आवश्यकता है।

ख्रीष्टीयों को सुरक्षा की इस प्रतिज्ञा को नये नियम के सन्दर्भ में समझना चाहिए, विशेष रीति से यीशु के जीवन से। जब शैतान ने भजन 91:11-12 को उद्धरित करते हुए यीशु से कहा कि अपने आप को नीचे गिरा दे, क्योंकि लिखा है परमेश्वर अपने दूतों को भेजकर तेरी रक्षा करेगा। तब यीशु ने इस भजन को अपने लिए सीधे उपयोग नहीं किया (मत्ती 4:5-7)। जबकि वह वचन को ठीक से समझने और उस पर विश्वास करने वाला सबसे महान व्यक्ति था। यीशु के अलावा उसके चेलों ने भी अपने जीवन में आने वाले क्लेशों के मध्य इस प्रकार से पुराने नियम की प्रतिज्ञाओं का उपयोग नहीं किया। इतना ही नहीं अकाल के समय कलीसिया ने एक दूसरे की सहायता किया न कि इससे बचने के लिए इस पद का उपयोग किया (प्रेरितों के काम 11:27-30)। अतः चाहे भजन 91 हो या दूसरे खण्ड (जैसे रोमियों 8:28) हमें ध्यान रखना चाहिए कि यहाँ विपत्ति से  सुरक्षा की नहीं, परन्तु विपत्ति में  सुरक्षा की प्रतिज्ञा की जा रही है। 

यद्यपि यह बात सत्य है  कि परमेश्वर ने हमसे अनेक प्रतिज्ञाएं की हैं जिन्हें वह हाँ और आमीन के साथ पूरा करता है। किन्तु हमें इन प्रतिज्ञाओं को सही सन्दर्भ में उपयोग करना चाहिए। क्योंकि परमेश्वर की सबसे अद्भुत प्रतिज्ञाएं भी त्रुटिपूर्ण रीति से प्रयोग की जा सकती हैं (मत्ती 4:6)। महामारी के सम्बन्ध में की गई प्रतिज्ञा में यह नहीं कहा गया है कि हम उनका सामना नहीं करेंगे, परन्तु यह कि हमें भयभीत नहीं होना है (पद 3-6)। अतः चाहे हमारे निकट हज़ार गिरे या दस हज़ार हम भयभीत नहीं होंगे, क्योंकि हम अनन्तकाल के लिए प्रभु में सुरक्षित हैं।

इसलिए जो कोई ख्रीष्ट में पाया जाता है वह परमेश्वर की सन्तान और ख्रीष्ट का सह-उत्तराधिकारी है। अतः चाहे क्लेश, अकाल, जोखिम या कोविड जैसी महामारी ही क्यों न आए वह व्यक्ति अनन्तकाल के लिए परमेश्वर के प्रेम में सुरक्षित है। और जो लोग परमेश्वर के अभिप्राय के अनुसार बुलाए गए हैं उन्हें मृत्यु भी परमेश्वर के प्रेम से अलग नहीं कर पाएगी (रोमियों 8:28-35)। इसलिए मेरा आपसे निवेदन है कि परमेश्वर के वचन को उसके सन्दर्भ में समझिए और मसीह में अपनी अनन्तकालीन सुरक्षा को खोजिए।


  1. R.T. France etc. D.A. Carson. (2017). New Bible Commentary 21st Century Edition. Secunderabad : GS Books. Page 546
  2. रॉय बी. ज़क जॉन एफ. वॉलवुर्ड. (2004). बाइबिल ज्ञान टीका. सिकंदराबाद : ओ एम बुक्स. पेज 989
  3. https://ca.thegospelcoalition.org/columns/ad-fontes/psalm-91-belong/https://ca.thegospelcoalition.org/columns/ad-fontes/psalm-91-belong/