
आपके पास शरीर क्यों है
परमेश्वर ने संसारिक-भौतिक विश्व को बिना सोचे-समझे ही नहीं रच दिया। उसके पास उद्देश्य था, अर्थात्…

परमेश्वर ने संसारिक-भौतिक विश्व को बिना सोचे-समझे ही नहीं रच दिया। उसके पास उद्देश्य था, अर्थात्…

ख्रीष्ट कैसे हमें मृत्यु के भय से छुड़ाकर इस रीति से स्वतन्त्र करता है कि हम…

क्लेश के लिए परमेश्वर का उद्देश्य यह है कि इसके द्वारा ख्रीष्ट के महत्व और सामर्थ्य…

कुछ लोगों का विश्वास क्लेश द्वारा निर्मित होने के स्थान पर टूट जाता है। यीशु को…

यह कितना भी अटपटा क्यों न प्रतीत हो पर दुःख के द्वारा विचलित किए जाने का…

लगभग तीन सौ वर्ष तक, ख्रीष्टीयता उस मिट्टी में बढ़ी है जो मिट्टी बलिदान होने वालों…

पौलुस जैसे पहले देख पाता था वैसे अब नहीं देख सकता है (और उन दिनों में…

जब मैंने व्यभिचार के पाप में जीवन जी रहे एक व्यक्ति को चिताया, तो मैंने उसकी…

जब पौलुस ने यह लिखा तो उसका क्या अर्थ था? उसके कहने का अर्थ यह नहीं…

पाप और शैतान हमारे प्राणों के दो महान् शत्रु हैं। और पाप तो सबसे बुरा शत्रु…

यद्यपि यीशु को तीन बार नकारने के द्वारा पतरस सच में अपने विश्वास में बुरी रीति…

विश्वास ही से मूसा ने बड़े हो जाने पर फ़िरौन की बेटी का पुत्र कहलाना अस्वीकार…