मण्डलीय अधिकार को समझना (Understanding The Congregation’s Authority)

जोनाथन लीमन

0.00100.00

मण्डलीवाद का एक बुरी छवि के कुछ चिर-परिचित कारण इस प्रकार बताये जाते हैं – प्रभावहीन सभाएँ, घमण्डी सदस्य, तथा घुड़कने वाले पास्टर इत्यादि। परन्तु बाइबल अधारित मण्डलीवाद मुख्यताः कलीसियाई सभा के विषय में नहीं है। यह पूरी कलीसिया को सुसमाचार मे बढ़ाने और सुसमाचार की रक्षा करने तथा सशक्त बनाने के विषय में है। पास्टरगण सदस्यों की अगुवाई करते हैं एवं सदस्यों को तैयार करते हैं। सदस्यगण एक-दूसरे को सुदृढ़ करने और संसार में ख्रीष्ट के कार्य को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।

समान श्रृंखला की पुस्तकें:

  1. पुस्तक : [प्रभु-भोज को समझना]
  2. पुस्तक : [बपतिस्मा को समझना।]
  3. पुस्तक : [कलीसियाई अगुवाई को समझना।]
  4. पुस्तक : [कलीसियाई अनुशासन को समझना]
  5. पुस्तक : [महान् आदेश को समझना]
भार 0.70 kg
आयाम: 17.5 × 12.5 × 0.5 cm
प्रारूप (Format)

,

प्रकाशक (Publisher)

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “मण्डलीय अधिकार को समझना (Understanding The Congregation’s Authority)”

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *