कि तुम विश्वास करो

यीशु ने बहुत-से अन्य चिह्न भी चेलों के सामने दिखाए जो इस पुस्तक में नहीं लिखे गए हैं, परन्तु ये जो लिखे गए हैं इसलिए लिखे गए कि तुम विश्वास करो कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र ख्रीष्ट है, और विश्वास करके उसके नाम से जीवन पाओ। <br> (यूहन्ना 20:30–31)

मुझ में एक तीव्र इच्छा हैै कि हम में से जो लोग कलीसिया में पले-बढ़े हैं और जो अपनी नींद में भी हमारे विश्वास के महान् सिद्धान्तों को दोहरा सकते हैं, और फिर भी जो प्रेरितों के विश्वास वचन के पढ़े जाते समय उबासी ले सकते हैं—हमारे मध्य में ऐसा कुछ अवश्य किया जाना चाहिए कि हम परमेश्वर के पुत्र, अनन्तकाल से पिता के एकलौते, परमेश्वर की महिमा के प्रकाश, उसके तत्व के प्रतिरूप, जिसके द्वारा सम्पूर्ण सृष्टि की रचना हुई, जो अपने सामर्थ्य के वचन के द्वारा सब वस्तुओं को सम्भालता है उसके आदर, भय, विस्मय, और आश्चर्य का एक बार पुनः आभास कर सकें।

आप उस प्रत्येक परीकथा को पढ़ सकते हैं जो आज तक लिखी गई है, प्रत्येक रहस्यमय रोमांचक पुस्तक, प्रत्येक भूत-प्रेत की कहानी, और फिर भी आपको कभी इतना चौंकाने वाला, इतना विचित्र, इतना अद्भुत और मंत्रमुग्ध करने वाला कुछ नहीं मिलेगा जितनी कि परमेश्वर के पुत्र के देहधारण की कथा है।

हम कितने मृतक हैं! हे परमेश्वर! आपकी महिमा और आपकी कथा के प्रति कितने संवेदनहीन और उदासीन हैं, मुझे कितनी ही बार पश्चात्ताप करना पड़ा और कहना पड़ा है कि, “परमेश्वर, मुझे क्षमा करें क्योंकि आप के स्वयं की कथा से अधिक पुरुषों द्वारा रची गयी कहानियाँ मेरी भावनाओं को उत्तेजित, विस्मित, आश्चर्य से पूर्ण, प्रशंसा के लिए प्रेरित और आनन्द से पूर्ण करती हैं।” 

सम्भवतः हमारे समय के रोमांचक चलचित्र कम से कम हमारे लिए यह कार्य अच्छा कर सकते हैं: वे हमें यह दिखाने के द्वारा विनम्र कर सकते हैं और हमें पश्चात्ताप करने के लिए प्रेरित कर सकते है, कि वास्तव में हम कुछ आश्चर्य और श्रद्धायुक्त भय और विस्मय का अनुभव करने में सक्षम हैं, जिसका आभास हम बहुत कम करते हैं जब हम सम्पूर्ण संसार में व्याप्त अनन्त परमेश्वर और ख्रीष्ट की महिमा, और उसके तथा हमारे मध्य एक वास्तविक जीवित सम्पर्क के विषय में विचार करते हैं, जो नासरत के यीशु के द्वारा है। 

जब यीशु ने कहा, “और मैं इसलिए इस संसार में आया हूँ” (यूहन्ना 18:37), तो उसके शब्दों में वही उन्माद, विचित्रता, आश्चर्य और भयानकता थी जैसा कि आप के द्वारा पढ़ी गयी किसी भी रोमांचक कथा में होती है। 

मैं पूरे मन से प्रार्थना करता हूँ कि मुझ पर और आप पर परमेश्वर के आत्मा का कार्य हो; जिससे कि पवित्र आत्मा मेरे जीवन में भयावह रीति से कार्य करे, तथा मुझे परमेश्वर की अकल्पनीय वास्तविकता के प्रति जागृत करे।

आने वाले दिनों में से एक में सूर्य के उगने से लेकर उसके अस्त होने तक एक ज्योति भूमण्डल में कड़केगी, और बादलों में आग की लपटों के मध्य अपने पराक्रमी स्वर्गदूतों के साथ परमेश्वर का पुत्र प्रकट होगा। और हम उसे स्पष्ट रूप से देखेंगे। और चाहे भय के कारण या अत्यन्त उत्तेजना के कारण, हम काँपेंगे और आश्चर्यचकित होंगे कि हम इस विनम्र और हानि रहित माने जाने वाले ख्रीष्ट से इतने समय तक कैसे जीवित बचे रहे।

ये बातें लिखी हुईं हैं—सम्पूर्ण बाइबल लिखी हुई है—कि हम विश्वास करें—कि हम उस आश्चर्य के प्रति चौंक जाएँ और जागृत हो जाएँ—कि यीशु ख्रीष्ट जो संसार में आया वह परमेश्वर का पुत्र है।

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जॉन पाइपर
जॉन पाइपर

जॉन पाइपर (@जॉन पाइपर) desiringGod.org के संस्थापक और शिक्षक हैं और बेथलेहम कॉलेज और सेमिनरी के चाँसलर हैं। 33 वर्षों तक, उन्होंने बेथलहम बैपटिस्ट चर्च, मिनियापोलिस, मिनेसोटा में एक पास्टर के रूप में सेवा की। वह 50 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं, जिसमें डिज़ायरिंग गॉड: मेडिटेशन ऑफ ए क्रिश्चियन हेडोनिस्ट और हाल ही में प्रोविडेन्स सम्मिलित हैं।

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