मृत्यु का पूर्वाभ्यास (Rehearsal)
जॉन पाइपर द्वारा भक्तिमय अध्ययन

जॉन पाइपर द्वारा भक्तिमय अध्ययन

संस्थापक और शिक्षक, desiringGod.org

तू उन्हें बाढ़ की भाँति बहा देता है; वे नींद के झोंके या भोर को उगने वाली घास के समान होते हैं: वह भोर को लहलहाती और बढ़ती है, परन्तु साँझ को मुर्झाकर सूख जाती है . . . अतः हमको अपने दिन गिनना सिखा कि हम बुद्धि से भरा मन पाएँ। (भजन 90:5-6,12)

मेरे लिए, वर्ष का अन्त मेरे जीवन के अन्त के समान होता है। और 31 दिसम्बर को रात में 11:59 का समय मेरी मृत्यु के क्षण के समान होता है।

वर्ष के 365 दिन एक लघु जीवनकाल के समान होते हैं। और ये अन्तिम घण्टे मानो अस्पताल के उन अन्तिम दिनों के समान हैं जब डॉक्टर ने मुझे बताया हो कि मेरा अन्त बहुत ही निकट है। और इन अन्तिम घण्टों में, इस वर्ष का जीवनकाल मानो मेरी आँखों के सामने से बीत कर चला जाता है, और फिर मैं इस अपरिहार्य प्रश्न का सामना करता हूँ कि: क्या मैंने अपना जीवन अच्छी रीति से जिया? क्या यीशु ख्रीष्ट जो धर्मी न्यायी है, कहेगा, “शाबाश, हे अच्छे और विश्वासयोग्य दास” (मत्ती 25:21)?

मैं बहुत ही सौभाग्शाली हूँ कि मेरा वर्ष इस रीति से समाप्त होता है। और मेरी प्रार्थना है कि वर्ष के अन्त का महत्व आपके लिए भी ऐसा ही हो।

मैं अपने आप को सौभाग्यशाली इसलिए अनुभव करता हूँ क्योंकि स्वयं के मरण पर पूर्व-परीक्षण करना अत्याधिक फलदायक है। वर्ष में एक बार अपने जीवन के अन्तिम दृश्य की तैयारी का करना अत्यन्त लाभकारी है। यह अत्यन्त लाभकारी इसलिए है क्योंकि 1 जनवरी की सुबह एक नए जीवनकाल के कगार पर, फिर से नई रीति से आरम्भ करने के लिए हममें से अधिकाँश लोग अभी भी जीवित होंगे।

पूर्वाभ्यासों की अच्छी बात यह होती है कि वह आपको दिखाते हैं कि आप कहाँ पर दुर्बल हैं, आप तैयारी में कहाँ चूक गए थे; और इस कारण वह आपको वास्तविक श्रोताओं के सामने होने वाले वास्तविक कार्यक्रम से पूर्व परिवर्तिन करने का कुछ समय प्रदान करते हैं।

मेरा मानना है कि आप में से कुछ लोगों के लिए मृत्यु का विचार इतना घिनौना, इतना विषादपूर्ण, इतना दुःख और पीड़ा से भरा हुआ है कि आप इसे अपने मन से बाहर रखने का पूरा प्रयास करते हैं, विशेषकर छुट्टियों के समय। मेरे विचारानुसार यह मूर्खता है और आप स्वयं को बहुत हानि पहुँचा रहे हैं। मैंने इस बात को पाया है कि मेरे स्वयं के जीवन के लिए कुछ ही बातें है जो इस बात से अधिक जीवन परिवर्तित करने वाली होती हैं कि मैं समय-समय पर अपनी मृत्यु के बारे में विचार करूँ।

आपको बुद्धि से भरा हुआ हृदय कैसे मिलेगा जिससे कि आप जान सकें कि सर्वोत्तम जीवन कैसे जीना है? भजनकार के उत्तर ये हैं:

तू उन्हें बाढ़ की भाँति बहा देता है; वे नींद के झोंके या भोर को उगने वाली घास के समान होते हैं: वह भोर को लहलहाती और बढ़ती है, परन्तु साँझ को मुर्झाकर सूख जाती है… अतः हमको अपने दिन गिनना सिखा कि हम बुद्धि से भरा मन पाएँ। (भजन 90:5-6,12)

अपने दिन गिनने का साधारण सा अर्थ है इस बात को स्मरण रखना कि आपका जीवन क्षणिक है और आपकी मृत्यु शीघ्र ही होगी। महान् बुद्धि — अर्थात् महान्, जीवन परिवर्तन करने वाली बुद्धि — इन बातों के विषय में समय-समय पर विचार करने से आती है।

सफलता की कसौटी, जिससे पौलुस स्वयं के जीवन का अवलोकन करता था, वह यह थी कि क्या उसने विश्वास की रक्षा की है या नहीं। “मैं अच्छी कुश्ती लड़ चुका हूँ, मैंने विश्वास की रक्षा की है। भविष्य में मेरे लिए धार्मिकता का मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु जो धार्मिकता से न्याय करने वाला है उस दिन मुझे प्रदान करेगा, और न केवल मुझे वरन् उन सब को भी जो उसके प्रकट होने को प्रिय जानते हैं” (2 तीमुथियुस 4:7-8)। हम इस वर्ष की समाप्ति पर इसे अपना परीक्षण होने दें।
और यदि हम पाते हैं कि हमने इस बीते वर्ष में विश्वास की रक्षा नहीं की है, तो हम आनन्दित हो सकते हैं, जैसा कि मैं स्वयं भी होता हूँ, कि इस वर्षान्त की यह मृत्यु (सम्भवतः) केवल एक पूर्वाभ्यास (rehearsal) है, और आने वाले वर्ष में सम्भावित विश्वास की रक्षा करने के लिए पूरा जीवन सामने पड़ा है।