अमित मोज़ेज

परमेश्वर के वचन का अध्ययन करते हैं और मार्ग सत्य जीवन के साथ सेवा करते हैं।
सुसमाचार प्रचार करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोग उद्धार प्राप्त करें, विश्वासी यीशु के स्वरूप में बनते चले जाएं, और अन्ततः परमेश्वर को महिमा मिले। इस लेख में...
अधिकांश लोग प्रायः जब भी कलीसिया के विषय में विचार करते हैं कि तो वे यह विचार करते हैं कि कलीसिया एक भवन है, कलीसिया एक स्थान है। परन्तु बाइबल...
ख्रीष्टीय जीवन में विश्वास और पश्चात्ताप एक ऐसा कार्य है जहां से हम अपने ख्रीष्टीय जीवन का आरम्भ करते हैं। ये दोनों ख्रीष्टीय जीवन का मूल आधार है। इस कार्य...
जब हम विपदाओं, महामारी, तथा अन्य प्रकार की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में होकर जाते हैं, तो उस समय हमारे मनों में अलग-अलग प्रकार के प्रश्न आते हैं। कई बार हम परमेश्वर...
बाइबल में कई पद हमें इस बात के लिए आज्ञा देते हैं कि हमें अपने शत्रुओं के लिए प्रार्थना करनी चाहिए (लूका 6:27,35, रोमियों 12:20)। इसके लिए सबसे चिर-परिचित खण्ड...
“और यदि मेरे लोग जो मेरे नाम के कहलाते हैं, दीन होकर प्रार्थना करें और मेरे दर्शन के खोजी होकर अपने बुरे मार्गों से फिरें, तब मैं स्वर्ग में से...
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