कलीसिया का उद्देश्य परमेश्वर के ज्ञान को प्रकट करना है।यीशु ने कहा, “मैं अपनी कलीसिया बनाऊँगा, और अधोलोक के फाटक उस पर प्रबल नहीं होंगे.” यदि कलीसिया यीशु मसीह के...
“प्रार्थना, श्वास के समान है। यदि हम जीवित हैं, तो श्वास लेंगे ही लेंगे !” – एंडी हैमिल्टन प्रार्थना, मसीह जीवन का अभिन्न भाग है। प्रायः विश्वासी लोग तभी प्रार्थना...
“हमें बाइबल क्यों पढ़नी चाहिए?” यह बहुत ही व्यवहारिक प्रश्न है और इसके बारे में लोगों के अलग-अलग उत्तर हो सकते हैं। बाइबल, हमारा आत्मिक भोजन है जिसे हमें प्रतिदिन...
मसीही जीवन, पवित्र बाइबल की 66 पुस्तकों पर आधारित है। ये 66 पुस्तकें लगभग 40 लेखकों द्वारा लगभग 1600 वर्षों के समय काल के दौरान लिखी गईं हैं, जिनमें से...
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