क्रिसमस बड़े आनन्द का सुसमाचार है।

हम एक निराशा से भरे संसार में रहते है। हम आए दिन बुरे समाचारों को सुनते हैं। चारों ओर दृष्टि घुमाकर देखिये, चोरी, हिंसा, हत्या, धोखा, भ्रष्टाचार, अन्याय और अधर्म फैला हुआ है। कोरोना वायरस से लंबे समय के बाद राहत मिलने ही लगी थी, कि ओमिक्राॅन वायरस का आगमन हो गया। यह हमारे देश भारत में प्रवेश कर चुका है। आज अधिकतर लोग इस वायरस से चिन्तित तथा निराश है। यह हमारे लिए बुरा सन्देश है। इसी बीच, इन निराशाओं के मध्य में एक आनन्द का सुसमाचार है।

क्या आप जानते हैं कि क्रिसमस आपके लिए आनन्द का सुसमाचार है? इसलिए इस लेख में हम बात करेंगे कि क्रिसमस हमारे लिए बड़े आनन्द का सुसमाचार क्यों है। 

क्रिसमस हमारे लिए बड़े आनन्द का सुसमाचार है क्योंकि परमेश्वर हमारे साथ रहने के लिए इस पापी संसार में आ गए।

  1. क्योंकि उद्धारकर्ता ख्रीष्ट यीशु का जन्म हुआ है।

क्रिसमस हमारे लिए आनन्द का सुसमाचार है। बाइबल बताती है, कि जब चरवाहे रात में अपने भेड़ों के झुण्ड की रखवाली कर रहे थे, तब स्वर्गदूत ने उनसे कहा, “डरो  मत, क्योंकि देखो, मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिए होगा क्योंकि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिए एक उद्धारकर्ता जन्मा है और यही ख्रीष्ट प्रभु है” (लूका 2:10-11)। यह इसलिए आनन्द का समाचार है क्योंकि क्रिसमस हमें स्मरण दिलाता है कि हमारे लिए एक उद्धारकर्ता का जन्म हुआ है अर्थात् यीशु हमें पापों से बचाने के लिए इस संसार में आए। यह आनन्द का सुसमाचार सब प्रकार के लोगों के लिए है। इब्रानियों का लेखक कहता है, “जिस प्रकार बच्चे मांस और लहू में सहभागी है, तो वह आप भी उसी प्रकार उनमें सहभागी हो गया, कि मृत्यु के द्वारा उसको जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली है, अर्थात् शैतान को शक्तिहीन कर दे और उन्हें छुड़ा ले जो मृत्यु के भय से जीवन भर दासत्व में पड़े थे”( इब्रानियों 2:14-15)।

ख्रीष्ट में, परमेश्वर ने पापियों के लिए प्रबन्ध किया है। पुराने नियम में परमेश्वर ने अपने नबियों के द्वारा बताया था कि वह अपने लोगों को पापों से बचाएगा। परमेश्वर ने दाऊद राजा के साथ वाचा बांधी थी (2 शमूएल 7:12-16)। जो वाचा परमेश्वर ने दाऊद के साथ बांधी थी उसका पूर्तिकरण यीशु ख्रीष्ट है। परमेश्वर ने यीशु ख्रीष्ट में अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा किया है। यीशु ख्रीष्ट मानव बनकर इस संसार के इतिहास में प्रवेश करते हैं। क्योंकि हम पापी है, हम उसको नहीं खोज रहे थे। वह पापियों  को बचाने के लिए इस संसार में आ गए। परमेश्वर ने हमारे लिए किसी समाज सुधारक, बाबा, या किसी नेता को नहीं भेजा है। परन्तु उद्धारकर्ता को भेजा है, जो पापों से बचाता है। वास्तव में क्रिसमस हमारे लिए बड़े आनन्द का सुसमाचार है क्योंकि परमेश्वर हमारे साथ रहने के लिए इस पापी संसार में आ गए (मत्ती 1:23)। यूहन्ना कहता है, “और वचन, जो अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण था, देहधारी हुआ, और हमारे बीच में निवास किया और हमने उसकी ऐसी महिमा देखी जैसी पिता के एकलौते की महिमा” ( यूहन्ना 1:14)। यह हमारे लिए अद्भुत बात है और हमारे लिए बड़े आनन्द का सुसमाचार है।

  1. क्योंकि ख्रीष्ट यीशु  हमारे लिए सबसे श्रेष्ठ उपहार है ।

बाइबल में लिखा है, परमेश्वर को उसके उस दान के लिए जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद (2 कुरिन्थियों 9:15)। क्या आप जानते हैं, कि परमेश्वर ने हमारे लिए सबसे अच्छा, सबसे बढ़िया, सबसे उत्कृष्ट दे दिया है ? क्रिसमस इसलिए आनन्द का समाचार है क्योंकि पिता परमेश्वर की ओर से यीशु ख्रीष्ट सबसे उत्तम, तथा सिद्ध उपहार है। क्रिसमस इसलिए आनन्द का समाचार है, क्योंकि  हम अपने उद्धार में कुछ भी योगदान नहीं करते हैं। यह मुफ्त में है, इसको कमाया नहीं जाता है। आखिरकार ऐसा क्यों? क्योंकि एक पापी मनुष्य अपने आपको को बचा नहीं सकता है क्योंकि मनुष्य आत्मिक रूप में मरा हुआ है (इफिसियों 2:1)। और मरा हुआ व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता है। हम पाप को हरा नहीं सकते हैं। हम पूरी तरह से निष्क्रिय हैं। हमारी स्थिति बहुत ही बेकार थी हम उसके पास नहीं जा सकते थे। हम पूरी तरह से आशाहीन और असहाय थे। ऐसे समय में पिता परमेश्वर ने अपने प्रिय पुत्र यीशु के द्वारा अपना महान प्रेम प्रदर्शित किया। जब हम पापी थे ख्रीष्ट हमारे लिए मरा। इसलिए यह सुसमाचार है। 

हमारे लिए पिता परमेश्वर की ओर से यीशु ख्रीष्ट सबसे उत्तम, तथा सिद्ध उपहार है।

  1. क्योंकि ख्रीष्ट यीशु हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता है।

क्रिसमस हमारे लिए इसलिए आनन्द का सुसमाचार है कि सृष्टिकर्ता परमेश्वर मनुष्य बनकर इस संसार में हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता को पूरी करने के लिए आया। अन्तत: यीशु क्यों आए ? क्योंकि पापों का प्रायश्चित होना आवश्यक था। हम परमेश्वर के क्रोध के योग्य थे। परमेश्वर ने हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता को पूरी करने के लिए यीशु को दे दिया। हमारे प्राण के लिए, इस संसार की सबसे अच्छी चीजें तथा सबसे अच्छा जो हम सोचते हैं, जैसे, हमारा परिवार, मित्र, अच्छा खाना, अच्छा समय, अच्छा स्वास्थ, मनोरंजन पर्याप्त नहीं है। क्योंकि हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता बहुत अच्छा, सुन्दर घर नहीं, लड़का बेटा नहीं, नौकरी नहीं, शादी नहीं है। परन्तु हमारी सबसे बड़ी समस्या पाप है। इसलिए हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता पापों की क्षमा है, परमेश्वर से मेलमिलाप है। इसलिए पिता परमेश्वर ने हमारे लिए जो अत्यन्त आवश्यक था, उस काम को पूरा करने के लिए यीशु को दे दिया है। क्योंकि परमेश्वर सबसे उत्तम जानता है।

यह बहुत ही अदभुत बात है कि परमेश्वर ने हमारे दुख पीड़ा, हमारी भ्रष्टता तथा दुष्टता को देखा, और हमारे दुख, पीड़ा  को सहने के लिए स्वयं मनुष्य बनकर संसार में प्रवेश किया। उन्होंने दु:खमय जीवन को बिताया, अंतत: यीशु ख्रीष्ट हमारे बदले में क्रूस पर बलिदान हुआ। हमारे पाप के दोष, पाप के दण्ड को यीशु ने अपने ऊपर ले लिया। वह तीसरे दिन मृतकों में से जी उठा। आज वह स्वर्ग पर विराजमान है। वह इस संसार का न्याय करने के लिए पुन:आने वाला है। 

अगस्टीन ने सही कहा है, ‘हे परमेश्वर,आपने हमें अपने लिए बनाया है, और हम जानते हैं कि हमारा हृदय तब तक अशान्त रहेगा जब तक हम आपको न पा जाएं। इसलिए, व्यस्तता के मध्य में इस बात को न भूल जाएं कि परमेश्वर हम पापियों को बचाने के लिए आया। यदि आप यीशु को नहीं जानते हैं तो यीशु के वचनों पर ध्यान दीजिए, जिसने कहा, ‘मन फिराओ और सुसमाचार पर विश्वास करो’ (मरकुस 1:15)। यदि आप एक ख्रीष्टीय हैं, तो इस सच्चाई को थामे रहें। जब हम क्रिसमस मनाते हैं तो हम संसार के लोगों के जैसे क्रिसमस को न मनाए, किन्तु हमें सच्चाई को स्मरण करते हुये क्रिसमस मनाना चाहिए।

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