ख्रीष्ट-जन्मोत्सव (क्रिसमस) किसके विषय में नहीं है?

इस माह पूरे संसार में ख्रीष्ट-जन्मोत्सव (क्रिसमस) के विषय में बहुत बातें हो रही होंगी, लोग भिन्न-भिन्न प्रकार से चर्चों, स्कूलों, कॉलेजों, ऑफिसों एवं घरो में ख्रीष्ट-जन्मोत्सव की तैयारियाँ कर रहे हैं। यह सत्य है कि लोग बहुत आनन्द के साथ कलीसियाओं में तथा अन्य स्थानों में ख्रीष्ट-जन्मोत्सव का उत्सव मनाते हैं, यदि हमसे लोग पूछें, तो हम भिन्न-भिन्न बातों को बता सकते हैं कि हम ख्रीष्ट-जन्मोत्सव क्यों मनाते हैं। किन्तु आईये देखें कि वास्तव में ख्रीष्ट-जन्मोत्सव किसके विषय में नहीं है:

ख्रीष्ट-जन्मोत्सव सांसारिक वस्तुओं में मग्न रहने के लिए नहीं वरन ख्रीष्ट में मग्न रहने के विषय में है।

ख्रीष्ट-जन्मोत्सव किसी सामान्य मनुष्य के विषय में नहीं है 

वर्तमान में जब ख्रीष्ट-जन्मोत्सव का महीना, दिसम्बर आता है, तो हमारे मस्तिष्क में सांता क्लाज का चित्र उभर कर आता है। जिसके विषय में पश्चिचमी संस्कृतियाँ यह मानती हैं कि सांता ख्रीष्ट-जन्मोत्सव के समय आकर बच्चों को उनके पसन्द के अनुसार घरों में आकर अच्छे उपहार देता है। लोग कैरल में सान्ता बनते हैं, और सान्ता के जैसे वस्त्र पहने सफेद दाढ़ी के साथ दिखते हुए हमें मिल जाते हैं। किन्तु क्या वास्तव में ख्रीष्ट-जन्मोत्सव सान्ता के विषय में है? बिल्कुल नहीं, ख्रीष्ट-जन्मोत्सव वास्तव में उसके विषय में नहीं है। ख्रीष्ट-जन्मोत्सव कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति के विषय में नहीं है, जो पापी है, अर्थात ख्रीष्ट-जन्मोत्सव संसार के किसी भी मनुष्य के विषय में नहीं, वरन परमेश्वर के विषय  में है। जो इस संसार में देहधारण करके आया। यह पवित्र ख्रीष्ट यीशु के विषय में है। ख्रीष्ट-जन्मोत्सव पाप रहित मसीहा के विषय में है न कि पापी सांता के विषय में। बाइबल बताती है कि सबने पाप किया और परमेश्वर की महिमा से रहित है (रोमियो 3:23)। इसलिए यदि मसीहा ख्रीष्ट-जन्मोत्सव का केन्द्र नहीं है, तो वास्तव में हम ख्रीष्ट-जन्मोत्सव के अर्थ से अनभिज्ञ हैं, और केवल अपने आनन्द, अपनी इच्छा के लिए, रीति-विधियों को पूरा करने के लिए ख्रीष्ट-जन्मोत्सव मनाते हैं। 

ख्रीष्ट-जन्मोत्सव भौतिक उपहार के विषय में नहीं है 

प्राय: जब ख्रीष्ट-जन्मोत्सव आता है, तो ख्रीष्टीयों के घर सजने लगते हैं, नई-नई वस्तुओं द्वारा घर को सजाया जाता है। बच्चे सान्ता क्लॉज की कल्पनाओं में खो जाते हैं, तथा उसका सजीव चित्रण प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है। परन्तु बड़ा दिन संसारिक वस्तुओं में मग्न रहने के लिए नहीं वरन ख्रीष्ट में मग्न रहने के विषय में है। बड़े दिन का सबसे बड़ा उपहार परमेश्वर का पुत्र यीशु है (यूहन्ना 3:16)।  ख्रीष्ट-जन्मोत्सव का सबसे श्रेष्ठ उपहार परमेश्वर का पुत्र, प्रतिज्ञात राजा, उद्धारकर्ता मसीहा है और हम वास्तविक सच्चा ख्रीष्ट-जन्मोत्सव उसको पाने के द्वारा ही मना सकते हैं। यदि हम विश्वासी हैं और ख्रीष्ट-जन्मोत्सव में लोगों को बहुत उपहार बांटते हैं, परन्तु सुसमाचार नहीं बांटते तो आप ख्रीष्ट-जन्मोत्सव के सच्चे अर्थ को छिपा रहे हैं। 

ख्रीष्ट-जन्मोत्सव का सबसे श्रेष्ठ उपहार परमेश्वर का पुत्र, प्रतिज्ञात राजा, उद्धारकर्ता मसीहा है।

ख्रीष्ट-जन्मोत्सव क्षणिक आनन्द के विषय में नहीं है 

हम यदि लोगों से ख्रीष्ट-जन्मोत्सव के विषय में पूछे तो प्राय: लोग कहते हैं कि यह आनन्द, खुशी का त्योहार है। हमें खुशियाँ मनाना है। प्रत्येक वर्ष लोग दिसम्बर के माह में छुट्टियाँ लेते हैं, घरो में जाते हैं, अपने परिवार के साथ, कलीसिया के साथ समय व्यतीत करते हैं और आनन्द मनाते हैं। मित्रों, पड़ोसियों को अपने घरो में आमन्त्रित करते हैं। और बहुत आनन्द मनाते हैं। पार्टियाँ करते हैं, गीत गाते हैं, और कुछ दिन उस आनन्द में सराबोर रहते हैं। परन्तु शीघ्र ही एक या दो सप्ताह के बाद यह आनन्द समाप्त हो जाता है और फिर वे अगले वर्ष के ख्रीष्ट-जन्मोत्सव के विषय में सोचने लगते हैं। परन्तु सच्चे ख्रीष्टीय सच्चे स्थायी आनन्द को रखते हुए ख्रीष्ट-जन्मोत्सव मनाते हैं, जो प्रभु यीशु ख्रीष्ट के विषय में हैं। ख्रीष्ट ही स्थायी आनन्द प्रदान करता है। यीशु का जन्म हमारे लिए बड़े आनन्द का सुसमाचार है क्योंकि वही हमारा उद्धाकर्ता है जो मसीह प्रभु है (लूका 2:10-11)। 

तो इस वर्ष जब हम ख्रीष्ट-जन्मोत्सव मनाएंगे तो मेरा आपसे अनुरोध है कि इस बात को जानें कि ख्रीष्ट-जन्मोत्सव यीशु ख्रीष्ट के विषय में है जो हमें मुक्ति देने के लिए इस संसार में जन्म लिया। हम संसार में बहुत कुछ पा सकते हैं किन्तु परमेश्वर पिता ने अपना पुत्र हमारे पापों के प्रायश्चित के रूप में दिया, वह हमारा अनमोल उपहार है। उसकी तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती है। और यदि हम वास्तव में यीशु के इस संसार में आने का उद्देश्य समझते हैं, तो हम असीम आनन्द को जानते हैं और वह आनन्द हमारे हृदय में केवल इसी माह, विशेष दिन ही नहीं, वरन सदैव बना रहता है। इसलिए ख्रीष्ट-जन्मोत्सव में यीशु ख्रीष्ट के विषय में बताएं। 

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