साधारण बातों में भरोसेमन्द

परमेश्वर के भविष्य-के-अनुग्रह की सम्पूर्ण-पर्याप्तता की एक प्रभावशाली साक्षी वह “विश्वास का सिद्धान्त” है जिसने अनेक मिशनरियों के, विशेषकर ओवरसीज़ मिशनरी फेलोशिप (ओ.एम.एफ) के मिशनरियों के जीवन को संचालित किया है।

अलग पद्धति का पालन करने वाले लोगों की निन्दा किए बिना, हडसन टेलर और जॉर्ज म्यूलर के पदचिन्हों पर चलने वालों की यह रीति रही है कि समर्थकों के हृदयों को योगदान देने के लिए उभारने हेतु वे अपने निवेदनों को लोगों के सामने नहीं वरन् परमेश्वर के सामने रखते हैं।

जेम्स एच. टेलर, जो ओ.एम.एफ के संस्थापक के परपोते हैं, समझाते हैं कि भविष्य-के-अनुग्रह पर यह विश्वास जो भूतकाल के अनुग्रह के प्रदर्शन पर आधारित है, परमेश्वर को आदर देता है।

हम . . . विश्वास की स्थिति से आरम्भ करते हैं। हम विश्वास करते हैं कि परमेश्वर का अस्तित्व है। हम इस बात के लिए अनेक रीतियों से कायल हुए हैं, परन्तु हम सब ने परमेश्वर के उस अनुग्रह को अनुभव किया है जिसमें उसने यीशु ख्रीष्ट के माध्यम से और अपने आत्मा द्वारा नये जन्म के माध्यम से होने दिया कि हम उसको जानें। हम विश्वास करते हैं कि मृतकों में से यीशु ख्रीष्ट के पुनरुत्थान के ऐतिहासिक तथ्य के द्वारा हमारे पास उस पर विश्वास करने के लिए अच्छा आधार है: हम विश्वास करते हैं कि ऐसा व्यक्ति जिसने कहा कि वह मरकर जी उठेगा, और फिर ऐसा किया भी, हर प्रकार से विश्वसनीय है। इसलिए हम उस पर भरोसा करने के लिए तैयार हैं, न केवल हमारे प्राणों के अनन्त उद्धार के लिए, परन्तु दैनिक रोटी और आर्थिक समर्थन के व्यावहारिक प्रावधान के लिए भी।

ओ.एम.एफ परमेश्वर के भविष्य-के-अनुग्रह की महिमा को प्रदर्शित करने के लिए उसकी अद्भुत विश्वासयोग्यता की साक्षियों को प्रकाशित करता है। “यह साझा कर के कि उसने कैसे सौ से अधिक वर्षों से ख्रीष्टीय लोगों के एक पूरे समूह के लिए टिकट, भोजन, रोग के उपचार, और नियमित जीविका जैसी साधारण बातों को कैसे उपलब्ध कराया है, हम यह प्रदर्शित करना चाहते हैं कि परमेश्वर पर भरोसा किया जा सकता है कि वह वो सब कुछ करेगा जो वह कहता है कि वो करेगा।”

ओ.एम.एफ परमेश्वर की विश्वसनीयता की महिमा करने के लिए समर्पित है — उनके सन्देश द्वारा और उनकी कार्य-प्रणाली द्वारा। हडसन टेलर ने इसको इस प्रकार से व्यक्त किया: “एक जीवित परमेश्वर है। उसने बाइबल के द्वारा बात की है। वह वही कहता है जो उसके उद्देश्य के अनुसार होता है और वह उन सब बातों को करेगा जिनकी उसने प्रतिज्ञा की है।”

ऐसे जीवन जिनमें विश्वास पाया जाता है वे परमेश्वर की विश्वसनीयता के लिए महान् दर्पण हैं।

साझा करें
जॉन पाइपर
जॉन पाइपर

जॉन पाइपर (@जॉन पाइपर) desiringGod.org के संस्थापक और शिक्षक हैं और बेथलेहम कॉलेज और सेमिनरी के चाँसलर हैं। 33 वर्षों तक, उन्होंने बेथलहम बैपटिस्ट चर्च, मिनियापोलिस, मिनेसोटा में एक पास्टर के रूप में सेवा की। वह 50 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं, जिसमें डिज़ायरिंग गॉड: मेडिटेशन ऑफ ए क्रिश्चियन हेडोनिस्ट और हाल ही में प्रोविडेन्स सम्मिलित हैं।

Articles: 352