परमेश्वर ही पुनरुत्थान है–सुसमाचार

यीशु के पुनरुत्थान दिवस की मुख्य बात यह है कि हमें …रिक्त स्थान…  मिलता है।

आप इस वाक्य के रिक्त स्थान को कैसे पूर्ण करेंगे?

…हम धर्मी ठहराया जाना मिलता है।

…हमें ख्रीष्ट में नया जीवन मिलता है।

…हमें अविनाशी भौतिक देह की प्रतिज्ञा मिलती है।

…हमें अनन्त आनन्द की प्रतिज्ञा मिलती है।

हम चाहें जितने भी सही उत्तर दे सकते हैं, किन्तु जॉन पाइपर अपनी पुस्तक गॉड इज़ गॉस्पल: परमेश्वर ही सुसमाचार है  [(क्रॉसवे, 2005), 37, 147]: में  लिखते हैं कि पवित्र सप्ताह की इन घटनाओं के पीछे सब से मौलिक उद्देश्य यह था।  

जब तक शुभ शुक्रवार (गुड फ्रायडे) और पुनरुत्थान दिवस (ईस्टर) की सुसमाचारीय घटनाएं  तथा धर्मी ठहराए जाने और अनन्त जीवन की सुसमाचारीय प्रतिज्ञाएं  जब तक आपकी अगुवाई न करें स्वयं परमेश्वर  को अपने सर्वोच्च आनन्द के रूप में निहारने और आलिंगन करने हेतु, तब तक आपने परमेश्वर के सुसमाचार को ग्रहण नहीं किया है।…

ख्रीष्टीय सुसमाचार का सर्वश्रेष्ठ सन्देश यह है कि ब्रह्माण्ड के सर्वोच्च महिमामय सृष्टिकर्ता ने यीशु ख्रीष्ट की मृत्यु और पुनरुत्थान में कार्य किया है हमारे और स्वयं उसके बीच की प्रत्येक रुकावट को दूर करने हेतु ताकि हम उसकी असीम सुन्दरता को देखने और उसका रसास्वादन करने के द्वारा चिरस्थाई आनन्द प्राप्त सकें।

परमेश्वर का बचाने वाला प्रेम ही है जिसके कारण उसने वह कार्य किया है जिसका किया जाना अनिवार्य था, यद्यपि उसे स्वयं एक बड़ा मूल्य चुकाना पड़ा, और वह भी उन अयोग्य लोगों के लिए, ताकि वह उन्हें उस बात से मोहित करे जो उन्हें अनन्तकाल तक सर्वाधिक प्रसन्न करेगी, अर्थात, स्वयं परमेश्वर। 

इसलिए, परमेश्वर का सुसमाचार और परमेश्वर का प्रेम अन्ततः और पूर्णतः व्यक्त किया गया है परमेश्वर द्वारा स्वयं को उपहार के रूप में प्रदान करने में हमारे अनन्त सुख के लिए। “तेरी उपस्थिति में आनन्द की भरपूरी है; तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है” (भजन 16:11)।

टोनी रेंकी desiringgod.org के वरिष्ठ लेखक हैं, वह Ask Pastor John पॉडकास्ट के मेजबानी करता हैं और अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ फीनिक्स क्षेत्र में रहते हैं।
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