युवाओ, रुकिए और अपने जीवन पर विचार कीजिए

बच्चे जब युवावस्था में पहुँचते हैं तो बहुत सारे सपने, योजनाओं एवं उत्तरदायित्वों को निभाने हेतु, अपनी भावी जीवन को सुरक्षित रखने के लिए बहुत कार्य करते हैं। बहुत युवा अपने परिवारों से दूर कॉलेजों में पढ़ाई करने के लिए घरों से बाहर हैं, बहुत अपने सपनों को पूरा करने, भविष्य निर्माण करने तथा बहुत अपनी युवावस्था का आनन्द लेने में लगे हुए हैं। इस वर्तमान समय में युवा प्राय: अपनी व्यस्तताओं के मध्य अपने जीवन सम्बन्धित जो महत्वपूर्ण बातें हैं उसके विषय में वे प्राय: ध्यान नहीं देते। परन्तु यह तीन सत्य हैं जिनको अनदेखा नहीं किया जा सकता। मैं आपसे आग्रह करूँगा कि इन सत्य बातों पर ध्यान दीजिए – 

आपका जीवन अनिश्चित है।

प्राय: युवा ऐसा जीते हैं या अपनी जीवन शैली से ऐसा प्रदर्शित करते हैं कि वे इस संसार में जैसे अभी हैं वैसे ही कल भी बने रहेंगे। इस समय मृत्यु के विषय में बात भी करना पसन्द नहीं करते। सच्चाई की ओर ध्यान देना नहीं चाहते और झूठी आशा में जीवन जीने में लगे हुए हैं। यदि हम प्रतिदिन के समाचारों पर ध्यान दें तो पाएंगे कि बहुत सारे युवा प्रतिदिन मौत का सामना कर रहे हैं। बहुत अपनी युवावस्था के बल का उपयोग दूसरों को दबाने और हिंसा करने में बिता रहे हैं। यह युवाओं की वास्तविक स्थिति है। परन्तु वास्तविकता है यह कि युवा किसी भी समय मर सकते हैं क्योंकि सबका मरना और उसके बाद न्याय का होना निश्चित है (इब्रानियों 9:27)। चाहे आपके पास बहुत सारा धन, बहुत सारा सम्मान, बहुत बढ़िया स्वास्थ्य क्यों न हो, आपका जीवन किसी भी पल में समाप्त हो जाएगा। स्मरण रखिए, आप किसी भी समय अपने प्रियजनों से बिछड़ सकते हैं तथा आपके भविष्य के सपने पल भर में बिखर सकते हैं। हम और आप नहीं जानते कि कब हम अपने जीवन की अन्तिम श्वांस लेंगे। हमारी आयु घास के समान है तथा मैदान के फूल के समान फूलता है (भजन 103:15) जो यह प्रदर्शित करता है कि यह जीवन क्षणिक है और किसी भी पल हम मर सकते हैं। थोड़ा रूक कर 2022 के विषय में ही सोचिए, इसी वर्ष कई खिलाड़ी, अभिनेता, राजनीतिज्ञ या हमारे मित्रों, परिवार के युवा सदस्य असमय ही इस संसार से जा चुके हैं। यह दिखाता है कि सब कुछ होने के बाद भी आपका जीवन अनिश्चित है।

स्मरण रखिए, आप किसी भी समय अपने प्रियजनों से बिछड़ सकते हैं तथा आपके भविष्य के सपने पल भर में बिखर सकते हैं।

आपको न्याय का सामना करना है। 

कुछ लोग इस बात पर विश्वास न करें कि मरने के बाद कुछ होगा कि नहीं। परन्तु बाइबल स्पष्ट करती है कि प्रत्येक मनुष्य एक दिन न्याय का सामना करेगा। संसार में सबको, प्रत्येक देश के प्रत्येक व्यक्ति को, प्रत्येक राजनेता, खिलाड़ी, व्यवसायी, अभिनेता, हमारे भाई-बहन, माता-पिता, मित्र, सब प्रकार के लोगों- निर्धन-धनी, गोरा-काला, हर एक को परमेश्वर के न्याय सिंहासन के समक्ष खड़े होना है। हमें स्मरण रखने की आवश्यकता है कि मनुष्य के जन्म के बाद दो बातों का होना अवश्य है, एक तो मृत्यु दूसरा प्रभु के सम्मुख न्याय के लिए खड़े होना। न्याय के दिन से हमें परमेश्वर के हाथ से कुछ भी नहीं बचा सकता। न हम अपनी ताकत से, न अपने पहुँच से न ही हमारे माता-पिता, भाई-बहन, मित्र एवं रिश्तेदार हमें न्याय के दिन से बचा सकते हैं। उस दिन जब हमें अपना लेखा देना होगा तो हम अपने पाप के कारण अनन्त काल तक परमेश्वर के प्रकोप के अधीन अनन्त काल तक नरक में दण्ड भोग रहे होंगे।

चाहे आप कितने भी धार्मिक, धनी, अच्छे, सम्मानित, सुन्दर, ज्ञानी, ढ़ेरो उपलब्धियाँ पाए हुए क्यों न हों, न्याय के दिन परमेश्वर के प्रकोप से कुछ भी और कोई भी आपको नहीं बचा सकता है।

प्राय: युवा इस इस को भूल जाते हैं कि उन्हें परमेश्वर के सम्मुख न्याय के सामना करना है। और इस बात की चिन्ता न करते हुए वे सब प्रकार की बुराई, वासना, तथा अनैतिक जीवन जीने में लिप्त रखते हैं कि मरने के बाद तो कुछ नहीं होगा। परन्तु युवाओं को सभोपदेशक का लेखक स्मरण दिलाता है कि, “हे युवक, अपने लड़कपन में आनन्द कर, और अपनी जवानी के दिनों में मग्न रह। अपनी मनमानी कर, और अपनी अभिलाषा के अनुसार चल। फिर भी यह जान ले कि इन सब बातों के विषय परमेश्वर तेरा न्याय करेगा” (सभो. 11:9)। चाहे आप कितने भी धार्मिक, धनी, सम्मानित, प्रसिद्ध हों, ज्ञानी, भले क्यों न हों, न्याय के दिन परमेश्वर के प्रकोप से कुछ भी और कोई भी आपको नहीं बचा सकता है।

केवल यीशु में अनन्त जीवन की आशा और दण्ड से छुटकारा है।

युवाओं की सबसे अधिक आवश्यकता धन, सम्मान, भविष्य निर्माण नहीं परन्तु नरक से बचाए जाने की है। यदि आप अपना जीवन अनन्त आशा के, बिना यीशु के जी रहे हैं तो आप सच्चे आनन्द और सच्ची शान्ति से दूर हैं। यदि आप कर्मों से स्वर्ग जाने का प्रयास कर रहे हैं तो आपके अपने जीवन में रूकने की आवश्यकता है! हमारी उपलब्धियाँ, हमारा धन, हमारा परिवार तथा हमारे भले कार्य हमें अनन्त जीवन की आशा नहीं दे सकते। केवल यीशु ही हमें अनन्त काल के जीवन की आशा प्रदान करता है। केवल वही अनन्त काल के मृत्यु से बचा सकता है। केवल यीशु ही हमें अभी वर्तमान के जीवन में सच्ची सन्तुष्टि प्रदान कर सकता है। यीशु जो परमेश्वर होते हुए देहधारण कर हमारे आपके पापों के लिए क्रूस पर बलिदान हो गया। उसने हमारे स्थान पर परमेश्वर के प्रकोप को स्वयं पर सह लिया। उसके क्रूस पर मृत्यु और पुनरूत्थान पर विश्वास करने के द्वारा हम अनन्त काल के दण्ड से बच सकते हैं। अपने बहुमूल्य जीवन को ऐसे व्यर्थ में न गँवाइये। यीशु के पास आइये। क्योंकि परमेश्वर ने हमें बचाने के लिए बड़ा मूल्य चुकाया है। परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को इस संसार में भेजा ताकि जो कोई भी, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि, स्तर का क्यों न हो यदि वे उस पर विश्वास करेंगे तो वे अनन्त जीवन पाएँगे (यूहन्ना 3:16)। वही है जो आने वाले प्रकोप से हमें बचा सकता है। 

हमारी उपलब्धियाँ, हमारा धन, हमारा परिवार तथा हमारे भले कार्य हमें अनन्त जीवन की आशा नहीं दे सकते। केवल यीशु ही हमें अनन्त काल के जीवन की आशा प्रदान करता है।

प्रिय भाईयो और बहनो, अपने वर्तमान की स्थिति, अपने ज्ञान, अपनी योग्यताओं, अपने बाहरी सुन्दरता, अपनी प्रसिद्धि, अपने जीवन, अपने स्वास्थ्य, अपनी नौकरी, अपने पैसे, अपने जीवन साथी, अपने बच्चे, अपने माता-पिता, अपनी उपलब्धियों पर घमण्ड मत करिए। यह पल भर में, पलक झपटते ही चला जाएगा। जिस दिन परमेश्वर चाहेगा वह इन सबको पल भर में आप से छीन लेगा। अपने थोड़े से समय के जीवन पर ध्यान दें (भजन 90:10-12)। इसलिए परमेश्वर की ओर दृष्टि करिए एवं अपनी युवावस्था को व्यर्थ न गंवाते हुए उसके लिए जीवन जीयें। 

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