हमारा अन्तिम गन्तव्य क्या है?

यदि आप किसी से यह पूछें कि मरने के पश्चात क्या होगा? बहुत से लोग कहेंगे कि मनुष्य के अस्तित्व का अन्त हो जाता है, कुछ लोग कहेंगे कि हम मरणोपरान्त स्वर्ग जाएँगे, हमारी आत्मा परमात्मा में विलीन हो जाएगी आदि। परन्तु बाइबल इन विचारों का समर्थन नहीं करती है और न ही सिखाती है।

परन्तु बाइबल हमें स्पष्ट रीति से सिखाती है कि “जैसे मनुष्यों के लिए एक ही बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त किया गया है (इब्रानियों 9:27)।” वे लोग जो परमेश्वर के साथ एक सही सम्बन्ध है, वे लोग स्वर्ग में प्रवेश करेंगे, और परमेश्वर की महिमा में अनन्तकाल तक रहेंगे। 

शेष लोग जिनका परमेश्वर के साथ सम्बन्ध सही नहीं है वे लोग अनन्त दण्ड को भोगेंगे, वे परमेश्वर की महिमामय उपस्थिति से दूर रहेंगे और उसकी सामर्थ्य की महिमा से अगल व दूर रहेंगे। ऐसी बुरी स्थिति को दर्शाने के लिए बाइबल बात करती है नरक की। नरक एक परमेश्वर के प्रचण्ड प्रकोप को भोगने का भयावह स्थान है। आइए हम नरक के विषय में चार महत्वपूर्ण बातों को देखें – 

नरक वास्तविक सच्चाई है। नरक की खोज-बीन कलीसिया ने नहीं की है। परन्तु इसके विषय में तो स्वर्ग की तुलना नरक की बात अधिक करती है। नरक की वास्तविकता को दिखाने में कोई भी कसर नहीं छोड़ती है। बाइबल बताती है कि लोगों को नरक में दण्डित किया जाता है और नरक की आग में  फेंक दिया जाता है।

नरक भयावह है। बाइबल नरक को धधकती हुई आग के भट्टे के रूप में, ऐसे स्थान के रूप में वर्णित करती है जहाँ पर कभी न बुझने वाली आग जलती रहती है, जहाँ रोना और दांत पीसना होगा। जहाँ पर कोई विश्राम नहीं होगा। ये भयावह सत्य हैं। वे लोग जो नरक में डाले जाएँगे वे समस्त भली बातों से वंचित होंगे। 

नरक भले के लिए है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बाइबल हमें बताती है कि परमेश्वर अपने धार्मिकता से संसार का न्याय करेगा। वह सिद्धता के साथ न्याय करेगा और पापियों को नरक में भेजेगा। जब वह उन्हें नरक भेजेगा तो वह सही करेगा, यह उचित होगा, क्योंकि वे पापी लोग इसी बात के लिए चुने गये थे। उन्होंने परमेश्वर को नकारा था, इसलिए जब परमेश्वर उन्हें नकारेगा क्योंकि उन्हें अभक्तिपूर्ण जीवन जीने का चुनाव किया था। परमेश्वर के द्वारा उन्हें नरक भेजा जाना एक प्रकार से जो कुछ उन लोगों ने चुना था उसकी पुष्टि करता है। जब परमेश्वर ऐसा करता है तो परमेश्वर को बुरा और दोषी नहीं कहा जा सकता है। 

इसलिए प्रिय भाई-बहनो, मैं आपसे आग्रह करना चाहूँगा परमेश्वर के प्रचण्ड न्याय और नरक की वास्तविकता को स्मरम रखिए। इस संसार में हमारे प्रभु यीशु ख्रीष्ट पर विश्वास करते हुए भक्तिपूर्ण जीवन जिएँ। हमें केवल यीशु ही परमेश्वर के भयंकर न्याय और नरक की आग से बचा सकता है। इसलिए हमारे उद्धारकर्ता यीशु ख्रीष्ट पर विश्वास कीजिए और अपने पापों से फिरकर पश्चात्ताप कीजिए, क्योंकि वही स्वर्ग जाने का एकमात्र मार्ग है।

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रोहित मसीह
रोहित मसीह

परमेश्वर के वचन का अध्ययन करते हैं और मार्ग सत्य जीवन के साथ सेवा करते हैं।

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