हमें किन बातों के लिए प्रार्थना करनी चाहिए?

लेखक: जॉन पाइपर

यदि आप मेरे जैसे हैं, तो आप पाएंगे कि समय-समय पर आपके प्रार्थना के जीवन को उस चक्र से बाहर निकलने के लिए जिसमें वह फंसकर रह गया है एक झटके की आवश्यकता होती है। प्रायः प्रार्थना में हम एक ही मुहावरे का बार-बार उपयोग करते हैं। हम घिसे-पिटे वाक्यांशों का उपयोग करने के आदी हो जाते हैं ( जैसे कि शब्द प्रभुजी )। हम विचारहीन बातोंं को बार-बार बोलने की पद्धित में फंस जाते हैं।

शैतान प्रार्थना से घृणा करता है। हमारा अपना शरीर भी स्वाभाविक रूप से इससे प्रेम नहीं करता है। इस कारण, हमारे हृदय से निकलने वाली प्रार्थना गहन, और पूर्ण और भावनाओं से भरी हुई नहीं होती हैं। ऐसा न करने के लिए हमें स्वयं को अनुशासित करना पड़ेगा। 

वर्षों पहले, जब मैंने राष्ट्र आनन्दित हों (Let the Nations Be Glad) पुस्तक को लिखा था, तब मैंने तर्क दिया था कि प्रार्थना युद्ध में उपयोग किये जाने वाले वायरलेस के समान है, न कि घरेलू फ़ोन के समान। परमेश्वर युद्ध में आदेश देने वाला एक सेना प्रमुख है न कि वह नौकर जो आप के किसी भी आदेश को पूरा करने कि प्रतीक्षा कर रहा है। निसन्देह, वह पिता, प्रेमी, मित्र, चंगा करने वाला, चरवाहा, सहायक, राजा, उद्धारकर्ता, प्रभु, परामर्शदाता भी है। परन्तु इस पतित “शैतानों द्वारा सन्चालित संसार” में, प्रार्थना सबसे अच्छी रीति से तब कार्य करेगी जब हम विश्वास की लड़ाई में परमेश्वर को सेना प्रमुख के रूप में देखें।

इसलिए जब मैंने यह पुस्तक लिखी, तो मैं उन सभी बातों को एक स्थान पर एकत्रित कर लिया, जिनके लिए आरम्भिक कलीसिया ने प्रार्थना की थी। मैंने इसे अपने लिए छापा लिया, और यह मेरे लिए उन “झटकों” में से एक प्रमाणित हुई जिनकी मुझे आवश्यकता है। मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि यह आपके लिए भी सहायक हो सकती है। हो सकता है कि आप इसे छपवा कर अपनी बाइबल में कुछ समय के लिए रखना चाहेंगे ताकि यह प्रार्थना में आपका मार्गदर्शन कर सके।

प्रार्थना करते समय जो बात आप के भरोसे को और दृढ़ बनाती है वह है कुछ नया करने का प्रयास न करना। नये नियम में जो प्रार्थनाएँ हैं उन्ही प्रार्थनाओं को करना, प्रार्थना करने का  सुरक्षित और सामर्थी ढंग है।

“समय-समय पर आपके प्रार्थना के जीवन को उस चक्र से बाहर निकलने के लिए जिसमें वह फंसकर रह गया है एक झटके की आवश्यकता होती है।”

प्रार्थना संसार के महान और महिमामय रहस्यों में से एक है — कि सब कुछ जानने वाला, सर्वज्ञानी, सर्व-सम्प्रभु परमेश्वर हमारी प्रार्थनाओं के उत्तर में इस संसार का संचालन निर्देशित करे यह अचम्भित करने वाली बात है। परन्तु सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र इस ही बात की साक्षी देता है। परमेश्वर अपने लोगों की प्रार्थनाओं को सुनता और उनका उत्तर देता है। इस अद्भुत उपाय की उपेक्षा न करें, राष्ट्रों और सेवाओं और संस्थानों और कलीसियाओं और लोगों के हृदय को, विशेष रूप से अपने स्वयं के हृदय को इस से प्रभावित करें।

यदि आप उस बात के लिए प्रार्थना करना चाहते हैं जिसके लिए आरम्भिक कलीसिया ने प्रार्थना की …

प्रार्थना करें कि इस संसार में परमेश्वर अपने नाम को ऊंचा उठाए। 

तो इस प्रार्थना कीजिए: “हे हमारे पिता, ‘तू जो स्वर्ग में है, तेरा नाम पवित्र माना जाए।’” (मत्ती 6:9)

प्रार्थना करें कि परमेश्वर संसार में अपने राज्य का विस्तार करे।

“तेरा राज्य आए। तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है वैसे ही पृथ्वी पर भी पूरी हो।” (मत्ती 6:10)

प्रार्थना करें कि सुसमाचार शीघ्रता से फैले और महिमा पाए।

अतः हे भाइयो, हमारे लिए प्रार्थना करो कि प्रभु का वचन शीघ्रता से फैले और महिमा पाए, जैसा तुम लोगों के मध्य हुआ। (2 थिस्सलुनीकियों 3:1)।

पवित्र आत्मा की परिपूर्णता के लिए प्रार्थना करें। 

“जब तुम बुरे होकर अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता उनको जो उस से मांगते हैं पवित्र आत्मा क्यों न देगा!” (लूका 11:13; इफिसियों 3:19)

प्रार्थना करें कि परमेश्वर अपने लोगों का उनके पक्ष में न्याय करे। 

“तो क्या परमेश्वर अपने चुने हुओं का न्याय न करेगा जो रात दिन उसे पुकारते रहते हैं?” (लूका 18:7)

प्रार्थना करें कि परमेश्वर अविश्वासियों का उद्धार करे।

“भाईयो, मेरी हार्दिक अभिलाषा और परमेश्वर से उनके लिए प्रार्थना है कि वे उद्धार पाएं। (रोमियों 10:1)

प्रार्थना करें कि परमेश्वर आत्मा की तलवार का प्रयोग करने के लिए निर्देशित करे। 

आत्मा की तलवार, जो परमेश्वर का वचन है, ले लो। प्रत्येक विनती और निवेदन सहित पवित्र आत्मा में निरन्तर प्रार्थना करते रहो। (इफिसियों 6:17-18)

सुसमाचार प्रचार में निर्भयता लिए प्रार्थना करें।

निरन्तर पवित्र आत्मा में [प्रार्थना करें]और मेरे लिए प्रार्थना करो कि बोलते समय मुझे ऐसा प्रबल वचन दिया जाए कि मैं साहस से सुसमाचार के रहस्य को प्रकट कर सकूं। (इफिसियों 6:18-19)

“अब हे प्रभु, उनकी धमकियों को देख, और अपने दासों को यह वरदान दे कि तेरे वचन को पूर्ण निर्भयता से सुनाएं।” (प्रेरितों के काम 4:29)। 

अपने बीमार सह-विश्वासियों की चंगाई के लिए प्रार्थना करें।

वे उस पर तेल मल कर प्रभु के नाम से उसके लिए प्रार्थना करें। और विश्वासपूर्ण प्रार्थना के द्वारा रोगी चंगा हो जाएगा और प्रभु उसे उठा खड़ा करेगा (याकूब 5:14-15)

अविश्वासियों की चंगाई के लिए प्रार्थना करें।

फिर ऐसा हुआ कि पुबलियुस का पिता ज्वर और आंव से पीड़ित पड़ा हुआ था। पौलुस उसे देखने भीतर गया और उसने प्रार्थना कर के अपने हाथ उस पर रखे और उसे चंगा कर दिया (प्रेरितों के काम 28:8)। 

प्रार्थना करें कि परमेश्वर अपने लोगों को आवश्यक वस्तुएं प्रदान करें।

“हमारे दिन भर की रोटी आज हमें दे।” (मत्ती 6:11)

बुद्धि के लिए प्रार्थना करें 

यदि तुम में से किसी को बुद्धि की कमी हो तो वह परमेश्वर से मांगे और उसे दी जाएगी, क्योंकि वह प्रत्येक को बिना उलाहना दिए उदारता से देता है। (याकूब 1:5)

प्रार्थना करें कि परमेश्वर कलीसियाओं में नेतृत्व स्थापित करे। 

फिर उन्होंने प्रत्येक कलीसिया में प्राचीन नियुक्त कर के उपवास सहित प्रार्थना की, और उन्हें प्रभु के हाथों में सौंप दिया जिस पर उन्होंने विश्वास किया था। 

प्रार्थना करें कि परमेश्वर अन्य लोगों को सेवा के लिए भेजे। 

“इसलिए फसल के स्वामी से विनती करो कि वह फसल काटने के लिए मजदूर भेज दे।” (मत्ती 9:38)

जब वे उपवास तथा प्रभु की उपासना कर रहे थे तो पवित्र आत्मा ने कहा, ‘‘मेरे लिए बरनाबास तथा शाऊल को उस कार्य के लिए अलग करो जिसके लिए मैंने उन्हें बुलाया है।” जब वे उपवास तथा प्रार्थना कर चुके तो उन पर हाथ रख कर उन्हें भेज दिया। (प्रेरितों के काम 13:2-3)

अन्य मिशनरियों की सफलता के लिए प्रार्थना करें।  

अब हे भाइयो, हमारे प्रभु यीशु मसीह और पवित्र आत्मा के प्रेम के द्वारा मैं तुम से विनती करता हूं कि मेरे लिए परमेश्वर से प्रार्थना करने में मेरे साथ लगे रहो, जिस से मैं यहूदिया के अविश्वासियों से बचा रहूँ और मेरी यरूशलेम की सेवा पवित्र लोगों को मान्य हो। (रोमियों 15:30-31)

प्रार्थना करें विश्वासियों के मद्ध्य एकता और सदभाव के लिए प्रार्थना करें। 

“मैं केवल इन्हीं के लिए विनती नहीं करता, परन्तु उनके लिए भी जो इनके वचन के द्वारा मुझ पर विश्वास करेंगे, कि वे सब एक हों। जैसे, हे पिता, तू मुझ में है और मैं तुझ में हूँ, वैसे ही वे भी हम में हों, जिससे कि संसार विश्वास करे कि तूने ही मुझे भेजा है।” (यहून्ना 17:20-21)

एक साथ होने के प्रोत्साहन के लिए प्रार्थना करें।   

हम रात – दिन बड़ी लगन से प्रार्थना करते हैं कि तुम्हें देखें, और तुम्हारे विश्वास की घटी पूरी करें। (1 थिस्सलुनीकियों 3:10) 

समझने के मन के लिए प्रार्थना करें। 

मेरी प्रार्थना यही है कि तुम्हारा प्रेम सच्चे ज्ञान और पूर्ण समझ सहित निरन्तर बढ़ता जाए, जिस से कि तुम उन बातों को जो सर्वोत्तम हैं अपना लो और मसीह के दिन तक पूर्णतः सच्चे और निर्दोष बने रहो। (फिलिप्पियों 1:9-10)

परमेश्वर की इच्छा के ज्ञान के लिए प्रार्थना करें।  

इसी कारण, जिस दिन से हमने इसके विषय में सुना है, तुम्हारे लिए प्रार्थना और यह विनती करना नहीं छोड़ा कि तुम समस्त आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ ( कुलुस्सियों 1:9)

परमेश्वर को अच्छी रीति से जानने हेतु प्रार्थना करें। 

[हमने तुम्हारे लिए प्रार्थना करना नहीं छोड़ा कि तुम] परमेश्वर के ज्ञान में बढ़ते जाओ। (कुलुस्सियों 1:10; तुलना करें इफिसियों 1:17 से)

ख्रीष्ट के प्रेम को समझने की सामर्थ्य के लिए प्रार्थना करें।  

इस कारण मैं उस पिता के समक्ष घुटने टेकता हूं. . .[ताकि तुम] सब पवित्र लोगों के साथ भली-भांति समझ सको कि उसकी चौड़ाई, लम्बाई, ऊंचाई और गहराई कितनी है, और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है। (इफिसियों 3:14, 18-19)

निश्चित आशा की गहरी समझ के लिए प्रार्थना करें

तुम्हारे लिए निरन्तर धन्यवाद देता हूं और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूं . . . जिस से तुम जान सको कि उसकी बुलाहट की आशा क्या है, और पवित्र लोगों में उसके उत्तराधिकार की महिमा का धन क्या है। (इफिसियों 1:16, 18)

सामर्थ्य और दृढ़ता के लिए प्रार्थना करें।

[हमने तुम्हारे लिए प्रार्थना करना नहीं छोड़ा कि तुम] उसकी महिमामय शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ्य से बलवन्त बन सको जिससे हर प्रकार की दृढ़ता और धैर्य प्राप्त कर सको। (कुलुस्सियों 1:11; इफिसियों 3:16)

अपने भीतर परमेश्वर की सामर्थ्य की गहरी समझ के लिए प्रार्थना करें।

 तुम्हारे लिए निरन्तर धन्यवाद देता हूं और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूं … जिस से तुम जान सको . . . कि हम विश्वास करने वालों के प्रति कितना महान है। (इफिसियों 1:16, 18-19)

प्रार्थना करें कि आपका विश्वास नष्ट न हो। 

“परन्तु मैंने तेरे लिए प्रार्थना की है कि तेरा विश्वास चला न जाए। अतः जब तू फिरे तो अपने भाइयों को स्थिर करना” (लूका 22:32)। 

“परन्तु तुम हर समय सावधान होकर प्रार्थना में लगे रहो जिस से कि इस सब बातों से बच निकलने और मनुष्य के पुत्र के सामने खड़े होने के लिए तुम में सामर्थ्य हो।” (लूका 21:36)

विश्वास में वृद्धि के लिए प्रार्थना करें। 

बालक के पिता ने तुरन्त चिल्लाकर कहा, “मैं विश्वास करता हूं, मेरे अविश्वास का उपचार कर।” (मरकुस 9:24; इफिसियों 3:17 से तुलना करें)

प्रार्थना करें कि आप प्रलोभन में न पड़ें।

“हमें परीक्षा में न ला।” (मत्ती 26:41)

“जागते रहो और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो। आत्मा तो तैयार है, परन्तु देह दुर्बल है।” (मत्ती 26:41)

प्रार्थना करें कि परमेश्वर आपके अच्छे संकल्पों को पूरा करे।

इसी उद्देश्य से हम सर्वदा तुम्हारे लिए प्रार्थना भी करते हैं कि हमारा परमेश्वर तुम्हें अपनी बुलाहट के योग्य समझे, तथा भलाई की हर एक इच्छा को और विश्वास के हर एक कार्य को सामर्थ्य सहित पूरा करे। (कुलुस्सियों 1:10)

अपने पापों की क्षमा के लिए प्रार्थना करें।

“जैसे हम ने अपने अपराधियों को क्षमा किया है वैसे ही  तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।” (मत्ती 6:12)

बुराई से बचे रहने के लिए प्रार्थना करें।

“हमें बुराई से बचा।” (मत्ती 6:13)

जॉन पाइपर (@जॉन पाइपर) desiringGod.org के संस्थापक और शिक्षक हैं और बेथलेहम कॉलेज और सेमिनरी के चाँसलर हैं। 33 वर्षों तक, उन्होंने बेथलहम बैपटिस्ट चर्च, मिनियापोलिस, मिनेसोटा में एक पास्टर के रूप में सेवा की। वह 50 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं, जिसमें डिज़ायरिंग गॉड: मेडिटेशन ऑफ ए क्रिश्चियन हेडोनिस्ट और हाल ही में प्रोविडेन्स सम्मिलित हैं।
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