अपने डर को मिटा दें

जब मुझे डर लगेगा मैं अपना भरोसा तुझ पर रखूँगा। (भजन 56:3)

इस सत्य के प्रति कि हमारी चिन्ता की जड़ अविश्वास में पाई जाती है, एक सम्भावित प्रतिक्रिया यह हो सकती है कि: “मुझे लगभग हर दिन चिन्ता की भावनाओं का सामना करना पड़ता है; और इसलिए मुझे लगता है कि परमेश्वर के अनुग्रह पर मेरा विश्वास पूरी रीति से अपर्याप्त तो होगा ही। अतः मैं सोचता हूँ कि क्या मेरे पास बचाए जाने का थोड़ा भी आश्वासन हो सकता है?”

इस समस्या के लिए मेरा प्रतिउत्तर यह है: मान लिजिए कि आप एक कार रेस में हैं और आप का शत्रु जो यह नहीं चाहता है कि आप इस कार रेस को पूरी करें, वह आपकी कार के सामने के शीशे पर कीचड़ फेंक देता है। केवल इस कारण कि आप कुछ समय के लिए अपने लक्ष्य से दृष्टि हटा देते हैं और डगमगाना आरम्भ कर देते हैं, इसका अर्थ यह तो नहीं है कि आप रेस से बाहर निकल जाएँगे।

और निश्चित रूप से इसका अर्थ यह नहीं है कि आपको वहाँ नहीं होना चाहिए। यदि ऐसी बात होती, तो आपका प्रतिद्वन्द्वी — आपका विरोधी — आपको सताता ही नहीं। इसका अर्थ यह है कि आपको अपनी कार के अगले शीशे को साफ करने के लिए वाइपर चलाना चाहिए। 

जब चिन्ता प्रहार करती है और परमेश्वर की महिमा के प्रति और हमारे लिए परमेश्वर की भविष्य की योजना के प्रति हमारी दृष्टि को और धुँधला कर देती है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि हम विश्वासहीन हैं, या फिर अब हम स्वर्ग नहीं पहुँच पाएँगे। इसका अर्थ है कि हमारे विश्वास पर प्रहार हुआ है।

यह सम्भव है कि प्रथम प्रहार में परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं पर हमारा विश्वास डगमगाएऔर भटके भी। परन्तु हमारा प्रतियोगिता में बना रहना और रेस को पूरी करना इस बात पर निर्भर करता है कि हम अनुग्रह के द्वारा प्रतिरोध की प्रक्रिया को लागू करते हैं या नहीं — क्या हम चिन्ता के अविश्वास के विरोध में लड़ते हैं। क्या हम अपनी कार के अगले शीशे को साफ करने के लिए वाइपर चलाएँगे?

भजन 56:3 कहता है, “जब मुझे डर लगेगा मैं अपना भरोसा तुझ पर रखूँगा।”

ध्यान दें: यह नहीं लिखा है, “मैं डर से कभी संर्घष नहीं करता हूँ।” भय आक्रमण करता है, और युद्ध आरम्भ हो जाता है। इसलिए बाइबल यह मान कर नहीं चलती है कि सच्चे विश्वासियों में थोड़ी सी भी चिन्ता नहीं होगी। इसके विपरीत, बाइबल हमें बताती है कि जब वे वार करें तो कैसे उससे लड़ना है। वह हमें बताती है कि हम अपनी गाड़ी के अगले शीशे को साफ करने के लिए वाइपर को कैसे चालू करें।

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जॉन पाइपर
जॉन पाइपर

जॉन पाइपर (@जॉन पाइपर) desiringGod.org के संस्थापक और शिक्षक हैं और बेथलेहम कॉलेज और सेमिनरी के चाँसलर हैं। 33 वर्षों तक, उन्होंने बेथलहम बैपटिस्ट चर्च, मिनियापोलिस, मिनेसोटा में एक पास्टर के रूप में सेवा की। वह 50 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं, जिसमें डिज़ायरिंग गॉड: मेडिटेशन ऑफ ए क्रिश्चियन हेडोनिस्ट और हाल ही में प्रोविडेन्स सम्मिलित हैं।

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