
परमेश्वर के वचन का अध्ययन करते हैं और मार्ग सत्य जीवन के साथ सेवा करते हैं।


नियमित रीति से वचन न पढ़ने से होने वाली हानियाँ

वचन प्रार्थना हेतु विषय-सामग्री प्रदान करता है।

अनुभव नहीं, परन्तु ख्रीष्ट के ज्ञान की श्रेष्ठता को समझिए।

शिष्योन्नति करने का अर्थ।

अश्लील चित्र व चलचित्रों को देखना पाप है।

एकमात्र सत्य मार्ग जो जीवन की ओर ले जाता है।

दूसरों को क्षमा करना।

परमेश्वर ही एकमात्र बुद्धि का स्रोत है।

कष्टों के मध्य में भी परमेश्वर सम्प्रभु है।

ईश्वरविज्ञान की खरी शिक्षा ही ख्रीष्टीय एकता का आधार है।

एक विश्वासी परमेश्वर पिता की लेपालक सन्तान है।

“सुसमाचार प्रचार” क्या है?

कलीसिया क्या नहीं है और क्या है?
परमेश्वर हमारा सच्चा चरवाहा है, इसलिए उस पर भरोसा रखो।

