परमेश्वर हमें और हमारी परिस्थितियों को जानता है।

हमारा जीवन परमेश्वर की दृष्टि में है। जो भी हमारे जीवन में होता है, हम जिन परिस्थितियों से होके जाते हैं, भले ही हमारे परिवार, हमारे मित्र, हमारे घनिष्ट रिश्तेदार न जान पाएँ या न समझ पाएँ। किन्तु परमेश्वर जो सम्प्रभु है, वह हमारे जीवन को नियन्त्रित करता है। वह कैसे हमें अच्छी रीति से जानता है और कैसे वह हमारे जीवन की प्रत्येक घटनाओं से परिचित है, आइये हम इस पर विचार करें। 

परमेश्वर अपनी इच्छा में अपने उद्धेश्य की पूर्ति हेतु विभिन्न परिस्थितियाें को हमारे जीवन में आने देता है।

परमेश्वर का हमारे जीवन के प्रत्येक समयों की घटनाओं पर नियन्त्रण है। 

परमेश्वर सर्वज्ञानी है। वह  प्रत्येक व्यक्ति के विचारों, कार्यों और परिस्थितियों एवं उसके विषय में सब कुछ जानता है (भजन 139:1-4)। परमेश्वर ने हमारी सृष्टि की। किन्तु वह हममें से प्रत्येक को हमारे जन्म से पहले से जानता है। इससे पहले की हम माँ के गर्भ में पड़ते, वह हमें जानता है। परमेश्वर की सम्प्रभुता बीते समय, वर्तमान और भविष्य को निर्धारित करती है, क्योंकि उसके ज्ञान और नियन्त्रण के बाहर ऐसा कुछ भी नहीं होता है जिसे वह अपनी इच्छा के अनुसार अपने स्वयं के उद्देश्यों के लिए कारण या अनुमति नहीं देता है। परमेश्वर अपनी दया में अपने उद्धेश्य की पूर्ति हेतु परिस्थितियाँ हमारे जीवन में लाता है। वह हमारे जीवन की बीती हुई बातों, हो रही घटनाओं तथा भविष्य में होने वाली प्रत्येक बात, परिस्थिति और घटनाओं को जानता है। हमारा जीवन उसकी सम्प्रभुता में है। वह प्रत्येक स्थान, परिस्थितियों में हमें देखता है। चाहे हम कितना भी प्रयत्न कर लें, हम उसकी उपस्थिति से भाग नहीं सकते और छिप नहीं सकते। “तेरे आत्मा से दूर मैं कहाँ जाऊँ? या तेरे सामने से कहाँ भागूं? यदि मैं स्वर्ग पर चढ़ जाऊँ, तो तू वहाँ है! यदि मैं अधोलोक में अपना बिछौना बिछाऊँ, तो तू वहाँ है!” (भजन 139:7-8)।

परमेश्वर अपनी योजना में होकर हमारे जीवन में बहुत कुछ होने देता है, जो सब कुछ उसकी महिमा से जुड़ी हुई है।

परमेश्वर हमारी प्रत्येक योजनाओं और कार्यों से परिचित है।  

कभी-कभी हमारा जीवन बसन्त, ग्रीष्म, पतझड़, या सर्दी का प्रतीक हो सकता है, जो हमारे दृष्टिकोण को प्रभावित करती हैं। परमेश्वर सभी मानवीय योजनाओं और कार्यों को नियन्त्रित करता है (नीतिवचन 16:9, यिर्मयाह 10:23)। स्मरण रखिए, हमारे नियन्त्रण में सब कुछ नहीं है। परमेश्वर के नियन्त्रण में सब कुछ है, यहाँ तक कि हम स्वयं। परमेश्वर अपनी योजना में होकर हमारे जीवन में बहुत कुछ होने देता है, जो सब कुछ उसकी महिमा से जुड़ी हुई है। परमेश्वर सृष्टि में घटित होने वाली सब घटनाओं को नियन्त्रित करता है। परमेश्वर सम्पूर्ण सृष्टि पर सम्प्रभु है। समय के द्वारा वह अपनी सम्प्रभुता को प्रकट करता है, क्योंकि हमारे जीवन का प्रत्येक क्षण उसके अधिकार में है। इसलिए, एक बाइबलीय दृष्टिकोण से, परमेश्वर प्रत्येक व्यक्ति और उनकी परिस्थितियों को गहराई से जानता है और उनकी गहराई से चिन्ता करता है। 

इसलिए जब हम इस बात को जानते हैं कि परमेश्वर हमें जानता है और वह हमारी स्थिति से भली-भाँति अवगत है तो हम अपने भविष्य, अपनी योजनाओं के लिए उस पर भरोसा रखें। परमेश्वर सब कुछ अपनी इच्छा के अनुसार करता है (इफिसियों 1:11)। वह सब कुछ अपनी महिमा के लिए करता है,”क्योंकि उसी की ओर से, और उसी के द्वारा, और उसी के लिये सब कुछ है। उसकी महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन” (रोमियों 11:36)। जब हम इस बात को जानेंगे और स्मरण रखेंगे तो यह हमें यहाँ की चिन्ताओं से मुक्त करेगा और प्रभु पर अपने जीवन में भरोसा रखते हुए जीवन जीने के लिए प्रेरित व उत्साहित करेगा। 

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नीरज मैथ्यू
नीरज मैथ्यू

परमेश्वर के वचन का अध्ययन करते हैं और मार्ग सत्य जीवन के साथ सेवा करते हैं।

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