छह मिनट में सुसमाचार

सुसमाचार क्या है?
सुसमाचार क्या है? इसे मैं एक वाक्य में बताऊंगा।

सुसमाचार एक संदेश है कि यीशु मसीह, वह धर्मी जन, हमारे पापों के लिए मरा और पुनः जी उठा, अपने सब शत्रुओं पर अनन्तकाल के लिए विजयी हुआ, इसीलिए जो विश्वास करते हैं उन पर अब दण्ड की आज्ञा नहीं, परन्तु केवल अनन्तकाल का आनन्द है।

यही सुसमाचार है।                

आप सुसमाचार से आगे नहीं बढ़ सकते हैं 
आप सुसमाचार की आवश्यकता से कभी भी  आगे नहीं बढ़ सकते हैं। आप सुसमाचार के विषय में इस रीति से कभी मत सोचिए कि “उसके द्वारा आप बचाए जाते हैं, और फिर आप इसे छोड़ने तथा कुछ और करने के द्वारा बलवान बन जाते हैं।”

नहीं! जब तक हमारी मृत्यु न हो जाए तब तक हम प्रतिदिन परमेश्वर द्वारा सुसमाचार के माध्यम से दृढ़ किए जाते हैं।

आप कभी भी स्वयं को सुसमाचार प्रचार करने की आवश्यकता से आगे नहीं बढ़ पाएंगे।

सुसमाचार कैसे सुदृढ़ करता है
यहाँ एक उदाहरण है, और मैं इस उदाहरण का उपयोग इसलिए नहीं कर रहा हूँ कि मेरे जीवन के विषय में चर्चा करना कोई विशेष बात है, परन्तु मैं पिछले वर्ष इसमें से होकर के गया तथा इसमें मैंने सर्वाधिक स्पष्ट रीति से सुसमाचार की सामर्थ्य को अनुभव किया जिसके द्वारा मैं बलवान बना। (आप में से कई लोग प्रोस्टेट कैंसर से भी गम्भीर परिस्थिति से होकर जा रहे होंगे — बहुत ही  गम्भीर।) 

क्या आपको वे पद स्मरण हैं जो मैंने कुछ समय पूर्व आपके साथ बांटा था जो मेरे लिए अत्यन्त सामर्थी थे? यह क्षण उस समय के पश्चात था जब चिकित्सक ने कहा “मेरे विचार से हमें एक बायोप्सी जाँच करनी चाहिए” — तब भय प्रहार करता है। प्रभु की दया से वह अधिक समय तक नहीं रहा।

और फिर उसके पश्चात क्या स्मरण आया?  — 1 थिस्सलुनीकियों 5:9-10।  यहां पर उतना ही शुद्ध सुसमाचार है जितना कि हम प्राप्त कर सकते हैं।

परमेश्वर ने हमें प्रकोप के लिए नहीं, परन्तु हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा उद्धार प्राप्त करने के लिए ठहराया है, जो हमारे लिए मर गया कि चाहे हम जागते या सोते हों, हम सब मिलकर उसके साथ जीवित रहें।

यह बात हमको निश्चिंतता प्रदान करती है। एक नदी के समान शान्ति।

सुसमाचार आपकी आवश्यकताओं के लिए पूर्णतः सिद्ध है
यह मात्र सुसमाचार ही है — जो सही समय पर, सिद्धता से लागू होता है, और पूर्ण रीति से मेरी आवश्यकता के लिए उपयुक्त है। बाइबल इसलिए इतनी विस्तृत है: क्योंकि आपकी अनेक प्रकार की विभिन्न आवश्यकताएं हैं। 

और बाइबल में इसलिए ऐसे अनेक उपयुक्त स्थान हैं जहाँ पर सुसमाचार आपके लिए स्पष्ट प्रकट होता है, ताकि यदि आप स्वयं को उस सम्पूर्ण पुस्तक में सराबोर करें, सदैव उस बात पर अपनी दृष्टि लगाए हुए कि मसीह ने आपके लिए जो किया तथा आपके लिए मोल लिया है परमेश्वर के लोगों के साथ व्यवहार के इस वृहद, गौरवशाली इतिहास में, तो वह सब कुछ आपको देगा जिसकी आपको आवश्यकता है।

इसलिए, जो कुछ मुझ में है कहता है — और मैं इसे उस दिन तक कहने की आशा करता हूँ जब तक मैं मर न जाऊं —“अब जो मुझे स्थिर कर सकता है, पौलुस के सुसमाचार के अनुसार, उस की — उस परमेश्वर की —  युगानुयुग महिमा हो” (देखें रोमियों 16:25-27)।

परमेश्वर यीशु मसीह में होकर इतिहास में आया। वह नरक और मृत्यु तथा शैतान और पाप की सामर्थ्य को नष्ट करने के लिए मर गया, और उसने यह यीशु मसीह के सुसमाचार के द्वारा किया।

विश्वास करने हेतु एक निवेदन
मैं जानता हूँ कि इसको पढ़ने वाले ऐसे लोग भी हैं जो यीशु मसीह पर भरोसा नहीं करते हैं, और इसलिए केवल दण्ड की आज्ञा की ही अपेक्षा कर सकते हैं। तो इसलिए मैं अन्त में यहां पर आपसे निवेदन करता हूँ: उस विद्रोह को छोड़ दीजिए। उसे छोड़ दीजिए। और  केवल इस सुसमाचार को अपना लीजिए, कि यीशु मसीह, परमेश्वर का पुत्र, धर्मी जन, आपके पापों के लिए मर गया। वह मृतकों में से तीसरे दिन जी उठा, अपने सब शत्रुओं पर विजयी हुआ। वह तब तक राज्य करेगा जब तक वह अपने सारे शत्रुओं को अपने पैरों तले नहीं कर देता। पापों की क्षमा और परमेश्वर के साथ सही सम्बन्ध मात्र उसी के द्वारा सेंतमेंत में होता है, केवल विश्वास से।

मैं आपसे निवेदन करता हूँ: आप अपनी सामर्थ्य में बलवान बनने का प्रयास न करें। जब आपको इसकी आवश्यकता होगी तो यह वहां नहीं होगा। वहां पर मात्र पर एक ही सामर्थ्य होगी: वह सामर्थ्य जो परमेश्वर सुसमाचार के द्वारा देता है।

इसका तिरस्कार न करें।

जॉन पाइपर (@जॉन पाइपर) desiringGod.org के संस्थापक और शिक्षक हैं और बेथलेहम कॉलेज और सेमिनरी के चाँसलर हैं। 33 वर्षों तक, उन्होंने बेथलहम बैपटिस्ट चर्च, मिनियापोलिस, मिनेसोटा में एक पास्टर के रूप में सेवा की। वह 50 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं, जिसमें डिज़ायरिंग गॉड: मेडिटेशन ऑफ ए क्रिश्चियन हेडोनिस्ट और हाल ही में प्रोविडेन्स सम्मिलित हैं।
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