क्या आप कल सवेरे एक विश्वासी होंगे?

मसीही, आप कैसे जानते हैं कि जब आप कल सवेरे जागेंगे, तो आप तब भी एक विश्वासी होंगे? और प्रत्येक सवेरे जब तक कि आप यीशु से न मिलें? 

बाइबलीय उत्तर है: परमेश्वर इसे अवश्य सम्भव करेगा।

क्या आप इससे सहमत हैं? क्या यह आपको व्याकुल करता है, इसे स्वीकार करना कि निर्णायक रूप से परमेश्वर पर निर्भर है? मेरी आशा है कि यह आपका आनन्द और गीत है। वास्तव में इस पर विश्वास करने के बड़े अर्थ निहितार्थ हैं। इसके विषय में परमेश्वर का वचन आपके मस्तिष्क को प्रकाशन प्रदान करे। 

हमें अवश्य ही बने रहना है 
अपने आप में, अवश्य  एक सुसमाचार शब्द नहीं है। अपने आप में, यह धमकाने वाला और बोझिल लगता है। परन्तु बाइबल में यह शब्द केवल अपने आप में नहीं उपयोग में आता है। क्योंकि “वह करेगा” और “हम करेंगे” के साथ “हम अवश्य” उपयोग में आता है। “हम अवश्य” बन जाता है “हम करेंगे” क्योंकि “परमेश्वर करेगा।” 

जो अन्त तक धीरज धरे रहेगा उसी का उद्धार होगा (मरकुस 13:13)। 

यदि हम धीरज से सहें तो उसके साथ राज्य भी करेंगे, यदि हम उसका इनकार करें तो वह भी हमारा इनकार करेगा (2 तीमुथियुस 2:12)।

हे भाइयो, मैं तुम्हें वही सुसमाचार सुनाता हूँ . . . जिसके द्वारा तुम उद्धार पाते हो, यदि तुम वचन को दृढ़ता से थामे रहो . . . अन्यथा तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ (1 कुरिन्थियों 15:1-2)।

“यदि हम विश्वास द्वारा धर्मी ठहराए गए हैं, तो हम महिमान्वित होंगे। यह इतना निश्चित है जैसे कि मानो हो गया है।” 

परमेश्वर आपको सुरक्षित रखेगा 
विश्वास में धीरज धरना हमारे विश्वास के प्रथम अंगीकार के कारण नहीं है ठीक उसी प्रकार जैसे स्वास्थ्य केवल एक बार के टीकाकरण के कारण नहीं होता है। क्योंकि वह महान चिकित्सक प्रतिदिन सम्भालने वाला अपना कार्य करता है इसलिए धीरज रखने वाला विश्वास सम्भव होता है। हम मसीह में विश्वास करते रहते हैं हृदय-परिवर्तन के समय से शेष रोग-प्रतिरक्षियों के कारण नहीं, परन्तु इसलिए कि परमेश्वर प्रतिदिन अपना जीवन-दायक और विश्वास-संरक्षण का कार्य करता है। 

अब जो ठोकर खाने से तुम्हारी रक्षा कर सकता है, और अपनी महिमा की उपस्थिति में तुम्हें निर्दोष और आनन्दित करके खड़ा कर सकता है (यहूदा 1:24)। 

जिसने तुम में भला कार्य आरम्भ किया है, वही उसे मसीह यीशु के दिन तक पूर्ण भी करेगा (फिलिप्पियों 1:6)। 

मैं अपना भय उनके हृदयों में डालूंगा जिससे वे मुझ से कभी विमुख न हों (यिर्मयाह 32:40)। 

मसीह तुम्हें अन्त तक बनाए रखेगा….परमेश्वर विश्वासयोग्य है, जिसके द्वारा तुम उसके पुत्र हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाए गए हो (1कुरिन्थियों 1:8-9)।

प्रभु मुझे… अपने स्वर्गीय राज्य में सुरक्षित पहुंचाएगा (2 तीमुथियुस 4:18)।  

हम धीरज धरेंगे 
क्योंकि परमेश्वर इसे अवश्य सम्भव करेगा, तो हम इसे करेंगे — न केवल अवश्य — परन्तु अन्त तक धीरज धरेंगे। यदि हम विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराए गए हैं, तो हम महिमान्वित भी किए जाएंगे।  यह इतना निश्चित है जैसे कि मानो हो गया है।

जिन्हें उसने पहिले से ठहराया है, उन्हें बुलाया भी; और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया; और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है (रोमियों 8:30)

इस सुरक्षा के प्रति चार प्रतिउत्तर

1. त्याग देना
हम आत्म-संरक्षण के बोझ को त्यागते हैं। हम समाधान खोजना बन्द कर देते हैं और स्वयं को हम जलते हुए घर से अग्निशामक द्वारा बाहर ले जाने की अनुमति देते हैं। हम इससे बाहर नहीं निकल सकते हैं। परन्तु वह कर सकता है। और वह करेगा भी। “ऐसा नहीं है कि मनुष्य के कदम अपनी ओर से संचालित होते हैं (यिर्मयाह 10:23)। 

2. आनन्दित होना
क्या चार्ल्स स्पर्जन जैसा आनन्द आपके हृदय में नहीं गूँजता है जब उन्होंने कहा, “हे प्रिय मित्रों, निम्न शक्तिशाली वाक्यांशों सम्भव है  और हो सकता है  के विषय में सोचने से किसी का भी हृदय आनन्दित होता है — वे ऐसे अटल स्तम्भ हैं जिनको मृत्यु और नरक नहीं हिला सकते — क्योंकि ये वाक्यांश सम्भव है  और हो सकता है  यह एक ऐसे परमेश्वर से सम्बन्धित है जो कि “बोलता है और वह हो जाता है” (मेट्रोपॉलिटन टैबरनेकल पुलपिट सन्देश, खण्ड 9, 364)। “तुम्हारा बुलाने वाला विश्वासयोग्य है, और वह ऐसा ही करेगा” (1 थिस्सलुनीकियों 5:24)।   

3. विश्राम 
“हे सब थके और बोझ से  दबे लोगों, मेरे पास आओ: मैं तुम्हें विश्राम दूँगा” (मत्ती 11:28)। क्योंकि परमेश्वर कहता है, मेरा जुआ सहज और मेरा बोझ हल्का है, “मैं तुम्हें उठाए रहूँगा और तुम मुझ में विश्राम पाओगे।” “तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूँगा, और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूँगा। मैंने ही तुम्हें बनाया और तुम्हें लिए फिरूँगा। मैं तुम्हें उठाए रहूँगा और छुड़ाता रहूँगा” (यशायाह 46:4)। 

4. जोखिम
यदि आप जानते हैं कि आपका भविष्य आपके सर्वशक्तिमान, सर्वदा-सुरक्षा प्रदान करने वाले परमेश्वर द्वारा संरक्षित है, तो आपको पृथ्वी और नरक के संकट उसके यश को फैलाने से नहीं रोक सकते हैं। 

पौलुस ने इससे निष्कर्ष निकाला कि “उसने जिन्हें धर्मी ठहराया उन्हें महिमा भी दी है” “यदि परमेश्वर हमारे पक्ष में है तो कौन हमारे विरुद्ध है?” (रोमियों 8:31)। इसलिए, हम “क्लेश, या संकट, या सताव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार” का सामना करने का दुस्साहस करेंगे” (रोमियों 8:35)। क्योंकि कोई भी हमें मसीह में परमेश्वर के प्रेम से अलग नहीं कर सकता है (रोमियों 8:39)। 

जॉन पाइपर (@जॉन पाइपर) desiringGod.org के संस्थापक और शिक्षक हैं और बेथलेहम कॉलेज और सेमिनरी के चाँसलर हैं। 33 वर्षों तक, उन्होंने बेथलहम बैपटिस्ट चर्च, मिनियापोलिस, मिनेसोटा में एक पास्टर के रूप में सेवा की। वह 50 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं, जिसमें डिज़ायरिंग गॉड: मेडिटेशन ऑफ ए क्रिश्चियन हेडोनिस्ट और हाल ही में प्रोविडेन्स सम्मिलित हैं।
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