परमेश्वर हृदय को खोलता है
<a href="" >जॉन पाइपर द्वारा भक्तिमय अध्ययन</a>

संस्थापक और शिक्षक, desiringGod.org

और लुदिया नाम थुआथीरा नगर की एक स्त्री सुन रही थी। वह बैंजनी वस्त्र बेचने वाली और परमेश्वर की भक्त थी। प्रभु ने उसका मन खोला कि वह पौलुस की बातों पर ध्यान लगाए। (प्रेरितों के काम 16:14)

पौलुस ने जहाँ-जहाँ भी प्रचार किया वहाँ पर कुछ लोगों ने विश्वास किया और कुछ ने नहीं किया। हम इस बात को कैसे समझ सकते हैं कि क्यों उनमें से कुछ ने जो अपराधों और पापों में मरे हुए थे (इफिसियों 2:1,5) विश्वास किया और कुछ ने नहीं किया?

कुछ लोगों ने विश्वास क्यों नहीं किया? इस प्रश्न का उत्तर यह है कि उन्होंने “इसकी अवहेलना की” (प्रेरितों के काम 13:46) क्योंकि सुसमाचार का सन्देश “[उनके लिए] मूर्खतापूर्ण है और [वे उसे] समझ नहीं सकते” (1 कुरिन्थियों 2:14)। शारीरिक मन तो “परमेश्वर से शत्रुता करता है। वह न तो परमेश्वर की व्यवस्था के अधीन है और न ही हो सकता है” (रोमियों 8:7)।

प्रत्येक जो सुसमाचार को सुनता और अस्वीकार करता है “ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के पास नहीं आता कि कहीं उसके कार्य प्रकट न हो जाएँ”(यूहन्ना 3:20)। “वे अज्ञानता के कारण जो उनमें है, और उनके मन की कठोरता के कारण, उनकी बुद्धि अन्धकारमय हो गई है” (इफिसियों 4:18)। यह अज्ञानता तो दोष का प्रात्र है। उनके लिए सत्य तो उपलब्ध है। परन्तु “अपनी अधार्मिकता से [वे] सत्य को दबाए रखते हैं” (रोमियों 1:18)।

परन्तु फिर कुछ विश्वास क्यों करते हैं क्योंकि सभी लोग तो हृदय की इस विद्रोही कठोरता की स्थिति में हैं, और अपराधों में मरे हुए हैं? प्रेरितों के काम की पुस्तक कम से कम तीन विभिन्न रीति से उत्तर देती है। एक यह है कि वे विश्वास करने के लिए ठहराए गए हैं। जब पौलुस ने पिसिदिया के अन्ताकिया में प्रचार किया, तो ग़ैरयहूदी आनन्दित हुए और “जितने अनन्त जीवन के लिए ठहराए गए थे, उन्होंने विश्वास किया” (प्रेरितों के काम 13:48)।

इसी प्रश्न का एक अन्य रीति से ऐसे उत्तर दे सकते हैं कि कुछ ने इसलिए विश्वास किया क्योंकि परमेश्वर ने उन्हें मन-फिराव या पश्चात्ताप का वरदान दिया। जब यरुशलेम में पवित्र लोगों ने सुना कि ग़ैरयहूदियों ने, न कि केवल यहूदियों ने सुसमाचार का प्रत्युत्तर दिया है, उन्होंने कहा, “तब तो परमेश्वर ने ग़ैरयहूदियों को भी जीवन के लिए मन-फिराव का वरदान दिया है” (प्रेरितों के काम 11:18)।

परन्तु इस प्रश्न का सबसे स्पष्ट उत्तर जो प्रेरितों के काम की पुस्तक में पाया जाता है कि क्यों एक व्यक्ति सुसमाचार पर विश्वास करता है और वह है कि परमेश्वर हृदय को खोलता है। लुदिया सबसे उत्तम उदाहरण है। उसने क्यों विश्वास किया? प्रेरितों के काम 16:4 कहता है:  “प्रभु ने उसका मन खोला कि वह पौलुस की बातों पर ध्यान लगाए”।

यदि आप यीशु में विश्वासी हैं, तो ये सब आपके साथ हुआ है: आप विश्वास करने के लिए ठहराए गए हैं; आपको मन-फिराव का वरदान मिला है; और प्रभु ने आपके हृदय को खोला है। आपका शेष जीवन इस आश्चर्यकर्म पर अचम्भित धन्यवाद के साथ भरा रहना चाहिए कि आप एक विश्वासी हैं।  

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